अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए चुनाव मैदान सज चुका है। उपराष्ट्रपति पद के लिए भारतवंशी कमला हैरिस के चयन के साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने उन पर और उनका चयन करने वाले प्रतिद्वंद्वी बिडेन के खिलाफ गुस्सा निकाला है। ट्रंप ने कमला हैरिस के चयन को जोखिम भरा बताते हुए एक असामान्य फैसला कहा तो बिडेन और हैरिस ने अमेरिकी राष्ट्रपति की तुलना हिटलर से कर डाली।
राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बिडेन द्वारा उपराष्ट्रपति पद के लिए अमेरिकी सीनेटर कमला हैरिस को चुने जाने से हैरान ट्रंप ने इसे पुरुषों की प्रतिष्ठा का सवाल भी बना लिया है। ट्रंप ने फोक्स स्पोर्ट्स रेडियो को फोन पर दिए इंटरव्यू में कहा कि हैरिस के चयन से पुरुष अपमानित महसूस कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बिडेन ने खुद को लोगों के एक निश्चित समूह में बांध लिया है। इस बीच, जो बिडेन और कमला हैरिस ने भी रिपब्लिकन प्रत्याशी और मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला बोला।
उन्होंने कहा, ट्रंप कोरोना वायरस से निपटने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। हैरिस के चयन की आलोचना करने वाले ट्रंप को लेकर बिडेन ने कहा, ट्रंप को सशक्त महिलाओं से दिक्कत है। बिडेन और हैरिस दोनों ने ट्रंप को रंगभेद पर देश के तनावपूर्ण हालात के लिए जिम्मदार ठहराया। बिडेन ने कहा, ट्रंप अमेरिकी सड़कों पर हिटलर की तरह बातेें करते हैं।
कई मौतें रोक सकते थे ट्रंप
हैरिस ने भी ट्रंप पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह रंगभेद के आधार पर देश को बांट रहे हैं। उन्होंने कोरोना वायरस को लेकर भी सवाल उठाया कि ट्रंप चाहते तो कई मौतें रोक सकते थे।
उन्होंने कहा, महामारी से निपटने के राष्ट्रपति के गलत तरीके से हम ग्रेट डिप्रेशन के बाद सबसे खराब आर्थिक संकट में हैं और रंगभेद और व्यवस्था के अन्याय देख रहे हैं। हैरिस ने कहा, अमेरिका नेतृत्व मांग रहा है।
एक माह के चुनाव सर्वे में ट्रंप से आगे बिडेन
अमेरिका में गत एक माह के भीतर 32 चुनाव पूर्व सर्वेक्षण हुए हैं जिनमें रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप से उनके प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रेटिक दावेदार जो बिडेन आगे बताए गए हैं। ये सर्वेक्षण 12 जुलाई से 12 अगस्त के बीच हुए हैं।
हालांकि, इनमें से आधे सर्वे में दोनों प्रत्याशियों के बीच का अंतर 5 फीसदी या कम है। राष्ट्रीय औसत में बिडेन को 51 फीसदी वोट व ट्रंप को 41 फीसदी मत मिले हैं। इसी तरह डेमोक्रेट समर्थकों में से 91 फीसदी बिडेन के साथ हैं, जबकि रिपब्लिकन में से 87 फीसदी लोग ट्रंप के साथ हैं।
अहम होंगे गरीब अमेरिकियों के 3.4 करोड़ मत
अमेरिका में फिलहाल 6.3 करोड़ लोग गरीब के तौर पर पंजीकृत हैं। इनमें से 3.4 करोड़ लोग चुनाव में वोट डालने नहीं जाते हैं। इनका वोट देश के अगले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अहम हो सकता है। अमेरिका के पुअर पीपुल्स कैंपेन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है कि इन गरीबों का साथ किसी भी पार्टी को जीत को दिलाने के लिए काफी होगा।