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‘अमेरिका में खिला कमल’ हैरिस समर्थकों ने शुरू किया अभियान, बिडेन ने तारीफ कर कहा- मिलकर ट्रंप को देंगे मात 

Thu, 13 Aug 2020 07:07 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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kamala harris with her sisters - फोटो : अमर उजाला
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अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कैलिफोर्निया से सीनेटर और भारतवंशी कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। उपराष्ट्रपति का टिकट पाने वाली वह पहली एशियाई-अमेरिकी हैं। इस फैसले के बाद हैरिस समर्थकों ने अभियान शुरू कर दिया है, जिसका नाम है - ‘अमेरिका में खिला कमल’।

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‘लोटस ब्लूम इन दि यूएस’ नामक इस अभियान को समर्थकों ने घोषणा के तुरंत बाद राष्ट्रव्यापी रूप से लॉन्च कर दिया। बिडेन के इस फैसले की भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने काफी प्रशंसा की है। पेप्सिको प्रमुख रह चुकी इंद्रा नूयी ने इसे बेहद अच्छा फैसला बताया।


इंडियास्पोरा के संस्थापक रंगास्वामी ने इसे भारतवंशियों के लिए गौरव का क्षण कहा जबकि एक भारतीय-अमेरिकी एडवोकेसी ग्रुप और पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ने कमला हैरिस के अभियान के लिए एक करोड़ डॉलर  जुटाने की बात कही है। इम्पेक्ट के कार्यकारी निदेशक नील मखीजा ने कहा की कमला हैरिस की कहानी अमेरिकी सफलता व बदलाव की कहानी है।

मिलकर ट्रंप को देंगे मात 

बिडेन ने ट्वीट किया, मेरे लिए यह घोषणा सम्मान की बात है। वह एक निडर लड़ाका (फाइटर) और बेहतरीन जनसेवक हैं। मैंने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है। आपके साथ मिलकर हम ट्रंप को मात देंगे। टीम में उनका स्वागत करें।  

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साथ ही बिडेन ने अपनी रैली में कमला हैरिस की जमकर प्रसंशा की। उन्होंने कहा कि " कमला हैरिस स्मार्ट,सख्त, अनुभवी हैं जो कि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीवार के लिए सही व्यक्ति हैं।" आगे कहा कि वह एक अप्रवासी की बेटी हैं वो जानती हैं हमारे देश में कितने प्रवासियों के परिवार समृद्ध हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका में अश्वेत और भारतीय- अमेरिकियों के सामने चुनौतियां का क्या अर्थ है?

एशियाई मूल की पहली व तीसरी अश्वेत प्रत्याशी

अमेरिका में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एशियाई-अमेरिकी मूल की महिला किसी बड़ी पार्टी से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनी हैं। यदि वे उपराष्ट्रपति बनती हैं, तो इस पद पर काबिज होने वाली वे पहली अश्वेत महिला होंगी। 1984 में डेमोक्रेट गेराल्डिन फेरारो को और 2008 में रिपब्लिकन सारा पालिन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन किसी को भी जीत नहीं मिली।

चेन्नई की थीं कमला की मां, पिता जमैका के

कमला हैरिस की मां श्यामा गोपालन का जन्म चेन्नई में हुआ था और वे एक कैंसर शोधकर्ता थीं, जिनका 2009 में निधन हो गया। हैरिस के पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका के रहने वाले हैं, जो फिलहाल स्टैनफोर्ड विवि में पढ़ाते हैं। कमला हैरिस ऑकलैंड में पली बढ़ी हैं। उन्होंने हावर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री लेने के बाद कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। वे सैन फ्रांसिस्को में जिला अटॉर्नी रह चुकी हैं।

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