ब्रिटेन में लॉकडाउन के चलते दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर (जीडीपी) में 20.4 फीसदी की भारी गिरावट आई। यहां लगातार दो तिमाही के दौरान जीडीपी दर नकारात्मक रहने पर अर्थव्यवस्था को आधिकारिक रूप से मंदी की चपेट में माना जाता है।
ब्रिटेन में यह 1955 के बाद सबसे बड़ी तिमाही गिरावट है। ब्रिटेन के वित्तमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, यह ‘कठिन समय’ है। हम इससे उबरेंगे और मैं लोगों को भरोसा दिला सकता हूं कि कोई भी उम्मीद तथा अवसरों के बिना नहीं रहेगा।