डोनाल्ड ट्रंप साल 2020 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में फिर से भाग लेने के लिए पूरी तरह से तैयार दिख रहे हैं। अपने प्रचार अभियान पर ट्रंप सात हजार करोड़ रुपये तक खर्च करने की तैयारी में हैं। चुनाव को लेकर उनकी टीम पहले से ही तैयारियों में जुटी है लेकिन चुनाव सर्वे के आंकड़े उनकी चिंता को लगातार बढ़ा रहे हैं।
ट्रंप इस बार भी 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के जैसे ही कैंपेन लॉन्च कर वोटरों को लुभाएंगे। इसके लिए ट्रंप की चुनावी टीम पहले से ही तैयारियों में जुटी है। ट्रंप की चुनावी कैंपेनिंग के लिए टीशर्ट, तौलिए, बैनर, झंडों इत्यादि को बड़ी संख्या में बनाया जा रहा है।
इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी गैलप के सर्वे में ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें कभी भी 50 फीसदी से ज्यादा की रैंकिंग नहीं मिली। यह एजेंसी दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेताओं की सूची प्रकाशित करती है। 2018 की सूची में ट्रंप को 11वां स्थान मिला था जबकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरे स्थान पर काबिज थे।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 3 नवंबर 2020 को होना है। जिसमें रिपब्लिक और डेमोक्रेट उम्मीद्वार के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। आशा जताई जा रही है कि अगर सब कुछ ठीक चलता रहा तो ट्रंप ही रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनेंगे।
पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेट से सर्वे में पीछे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक नेता व पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेन से पिछड़ गए हैं। रविवार को जारी एनबीसी न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल के सर्वे में बाइडेन को पंजीकृत मतदाताओं में 51 फीसदी का समर्थन मिला। जबकि ट्रंप को 45 फीसदी लोगों का समर्थन मिला। ट्रंप को मुख्य रूप से पुरुष, ग्रामीण और वृद्ध लोग पसंद कर रहे हैं।
ट्रंप के लिए मुश्किल है 'मिशन 2020'
विशेषज्ञ 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की सफलता के प्रति आश्वस्त नहीं हैं। 2016 में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन मजबूत आधार मिशिगन, पेनसिल्वेनिया, विस्कांसिन में जीत हासिल की थी अगर उन्हें फिर से राष्ट्रपति बनना है तो पिछली सफलता दोहरानी पड़ेगी।
पिछले चुनाव में हिलेरी क्लिंटन से नाराज वोटरों का बहुत बड़ा भाग ट्रंप को मिला। जिससे उनकी जीत का रास्ता तैयार हुआ। इस बार ट्रंप को न केवल एंटी इनकमबेंसी से निपटना होगा बल्कि अपने आधार वोटरों में लगने वाले सेंध पर भी ध्यान देना होगा।
यह होगी ट्रंप की चुनावी रणनीति
Donald Trump
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राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप विदेशियों के घुसपैठ को लेकर अपने सख्त रूख को फिर जाहिर करेंगे। वह अवैध प्रवासियों को अमेरिका में घुसने न देने के अपने पुराने वादे को फिर से लोगों के बीच भुनाएंगे। इसके अलावा वह मेक्सिको सीमा पर बन रहे दीवार को भी अपनी सफलता के रूप में गिनाएंगे। इस दीवार को बनाने में आ रहे खर्च को लेकर उठे विवाद को भी शांत करने की कोशिश कर सकते हैं।
ट्रंप अगले एक साल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे। वह बेरोजगारी के आंकड़ों को भी कम करने के लिए जी जान लगाएंगे। क्योंकि, पिछले चुनाव में उन्होंने इसे अपने चुनाव प्रचार का प्रमुख मुद्दा बनाया था। वह अपनी सफलता के तौर पर अमेरिकी लोगों को मिलने वाली नौकरी के आंकड़ों को भी रखेंगे।
इसके अलावा वह डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ भड़काऊ प्रचार अभियान को भी लॉन्च करेंगे। इसके लिए उनकी टीम चुनाव अभियान में सात हजार करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। उनकी टीम अभी तक इतना खर्च कर चुकी है जितना किसी भी राष्ट्रपति के दोबारा निर्वाचन में खर्च नहीं हुआ है।