अमेरिका में अगले माह होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में 52 लाख अमेरिकी वोट नहीं डाल पाएंगे। बताया जा रहा है कि ये लोग गंभीर अपराधी हैं, जिनमें से एक चौथाई जेल में बंद हैं तो 10 फीसदी पैरोल पर हैं। वहीं, 43 फीसदी अपराधी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अभी उनका वोट डालने का अधिकार बहाल नहीं हुआ है।
इन अपराधियों में बड़ी तादाद अश्वेतों की है, जो दक्षिण अमेरिका में डेमोक्रेट का मजबूत आधार हैं। लिहाजा, पार्टी को इन लोगों के मताधिकार से वंचित रहने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अपराध के कारण मताधिकार छिनने की दर अश्वेतों में चार गुना ज्यादा है।
आलम यह है कि अल्बामा, फ्लोरिडा और केंटुकी समेत सात राज्यों में तो हर सात में से एक अश्वेत वोट डालने से वंचित रहेगा। हालांकि मताधिकार गंवाने वाले लोगों की इतनी बड़ी तादाद देखते हुए कई राज्यों ने नियमों में संशोधन किए हैं। इसके चलते 2016 के मुकाबले इन लोगों का आंकड़ा 15 फीसदी कम हुआ है। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में 62 लाख गंभीर अपराधियों के वोट डालने पर रोक लगी थी।