अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली रवाना हुए। सम्मेलन के दौरान वह यूक्रेन के साथ नए सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान यूक्रेन को अमेरिका के दीर्घकालिक समर्थन का वचन दिया जाएगा। हालांकि, इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि राष्ट्रपति बाइडन शिखर सम्मेलन में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फिर से मुलाकात करेंगे और उसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि नए समझौते से यह स्पष्ट हो जाएगा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अमेरिका भविष्य में भी यूक्रेन का समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर करके हम रूस को अपने संकल्प का संकेत भी देंगे। सुलिवन ने कहा, यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लगता है कि वह यूक्रेन के समर्थन में उतरे गठबंधन से अधिक समय तक टिक सकते हैं तो वह गलत हैं।
समझौते में जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना के उपयोग की नहीं होगी प्रतिबद्धता
जेक सुलिवन ने आगे कहा, 15 देशों ने अपने सुरक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो यूक्रेन की रक्षात्मक निवारक क्षमता को मजबूत करेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी समझौते में यूक्रेन का साथ देने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता शामिल होगी, लेकिन जमीनी स्तर पर अमेरिकी सेना का उपयोग करने की प्रतिबद्धता नहीं होगी।
13 से 15 जून तक इटली में होगा जी-7 शिखर सम्मेलन
बता दें कि जी-7 शिखर सम्मेलन इटली में 13 से 15 जून तक आयोजित किया जाएगा। जी-7 विश्व की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं। शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शीर्ष नेताओं में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शामिल हैं। वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। बैठक में भारत मेहमान देश के रूप में शामिल होगा।
जी-7 शिखर सम्मेलन में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व के सर्वाधिक विकसित लोकतंत्रों के प्रमुख विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा करेंगे, जिनमें यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में चीन के साथ व्यापार असंतुलन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से उत्पन्न खतरे और अफ्रीका में विकास संबंधी चुनौतियां शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान नेता रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों और निर्यात नियंत्रणों की भी घोषणा करेंगे, जो यूक्रेन में युद्ध लड़ने में पुतिन की सेना की मदद करने वाली संस्थाओं और नेटवर्क को लक्षित करेंगे।
शिखर सम्मेलन में बाइडन-मोदी की मुलाकात संभव
इटली में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रधानमंत्री मोदी की एक-दूसरे से मुलाकात होने की संभावना है। हालांकि, अभी दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम तय नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने बुधवार को कहा कि जी-7 समिट में राष्ट्रपति बाइडन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की एक-दूसरे से मुलाकात हो सकती है। मोदी की उपस्थिति की औपचारिक पुष्टि करना भारतीयों पर निर्भर है। हमें उम्मीद है कि दोनों नेताओं को एक-दूसरे से मिलने का अवसर मिलेगा।