अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की पहली वर्षगांठ से पहले दो दिवसीय यात्रा के दौरान मंगलवार को पोलैंड की राजधानी वारसा पहुंचे। यहां उन्होंने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा से मुलाकात के बाद बात की। बाइडन ने पोलैंड की राजधानी के ऐतिहासिक शाही महल रॉयल कैसल के सामने रूस-यूक्रेन रूस युद्ध की पहली सालगिरह से पहले भाषण दिया।राष्ट्रपति ने कहा कि यह युद्ध अधिनायकवाद और लोकतंत्र के बीच वैश्विक संघर्ष का हिस्सा है। बाइडन का यह भाषण रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा रूस की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के कुछ घंटे बाद आया। बाइडन ने दावा किया कि रूस कभी युद्ध में यूक्रेन को हरा नहीं पाएगा। उन्होंने यूक्रेन को लगातार समर्थन देते रहने की घोषणा भी की।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में आने वाले कठिन और खराब दिनों की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी लंबे समय तक यूक्रेन का साथ देते रहेंगे। बाइडन ने कहा कि लगभग एक साल पहले व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन पर जानलेवा हमला करने के कुछ ही हफ्तों बाद उन्होंने आखिरी बार रॉयल कैसल में बात की थी। उन्होंने कहा कि 75 से अधिक वर्षों से इस पृथ्वी पर शांति, समृद्धि और स्थिरता की आधारशिला रहे सिद्धांतों के बिखरने का खतरा बना हुआ है।
कीव मजबूत है और यह गर्व से खड़ा है: बाइडन
बाइडन ने अपने संबोधन में रूस के इस दावे को भी खारिज किया कि पश्चिमी देश रूस पर हमले की योजना बना रहे हैं। बाइडन ने कहा कि एक साल पहले दुनिया कीव के पतन के लिए तैयार थी। लेकिन मैं अभी कीव की यात्रा करके आया हूं और मैं रिपोर्ट कर सकता हूं कि कीव मजबूत है। कीव गर्व से खड़ा है, यह पूरी तरह खड़ा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि आक्रमण का मतलब है कि पूरी दुनिया ने युगों के लिए एक परीक्षा का सामना किया। उन्होंने कहा कि तब हमारे पास सवाल थे कि क्या हम जवाब देंगे या हम दूसरी तरफ देखेंगे? क्या हम मजबूत होंगे या हम कमजोर होंगे? क्या हमारे सभी सहयोगी एकजुट होंगे, या विभाजित होंगे? एक साल बाद हमें जवाब मिल गया है और अब हम जवाब देंगे, हम मजबूत होंगे, हम एकजुट होंगे, और दुनिया दूसरी तरफ नहीं देखेगी।
निरंकुश की भूख को शांत नहीं किया जा सकता: बाइडन
बाइडन ने कहा कि हम आज फिर से वही देख रहे हैं जो पोलैंड के लोगों और पूरे यूरोप के लोगों ने दशकों से देखा था। निरंकुश की भूख को शांत नहीं किया जा सकता। उनका विरोध किया जाना चाहिए। इससे पहले बाइडन ने सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव का औचक दौरा किया। उन्होंने 23 घंटे की गुप्त यात्रा की। यहां उन्होंने राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की और यूक्रेन के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर मूल्य के एक नए हथियार पैकेज की घोषणा की।
संधि से अलग होने के रूस के फैसले पर यूएन चिंतित
बाइडन के भाषण से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इस युद्ध को पश्चिम के खिलाफ एक छद्म लड़ाई बताया और कहा कि वह न्यू स्टार्ट (START) संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित कर देंगे। यह संधि अमेरिका और रूस के बीच एकमात्र शेष प्रमुख परमाणु समझौता है। वहीं, अमेरिका के साथ परमाणु नियंत्रण संधि से अलग होने के रूस के फैसले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु हथियारों के नियंत्रण के बिना दुनिया खतरनाक है। इस परिणाम से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए, जिसमें बातचीत का रास्ता भी शामिल है। हालांकि बाइडन ने पुतिन के न्यू स्टार्ट संधि निलंबित करने के मुद्दे पर चुप्पी साध ली।
बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि नाटो जैसे लोकतंत्र और लोकतांत्रिक गठबंधन पिछले साल ही मजबूत हुए हैं। यह अलग बात है कि वह लंबे समय से राष्ट्रपति के रूप में अमेरिका और विदेशों में लोकतंत्र की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध यूरोप में एक सदी के तीन-चौथाई में सबसे बड़ा भूमि युद्ध है और आप अपनी अपेक्षा के अलावा सभी और उनकी हर अपेक्षा के विरुद्ध सफल हो रहे हैं।
बाइडन ने सोमवार को कीव में कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि आप आगे भी जीतना जारी रखेंगे। युद्ध के एक साल बाद भी कीव और यूक्रेन खड़ा है। लोकतंत्र कायम है। अमेरिकी आपके साथ खड़े हैं और दुनिया भी आपके साथ है।