यूक्रेन सीमा पर तनाव गहरा गया है। मॉस्को द्वारा बेलारूस में भेजे गए हजारों सैनिकों ने बड़े बम गिराने का युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। नाटो सुरक्षा बल भी यूक्रेन की मदद में पूर्वी सीमाओं पर जुट रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकियों को तुरंत यूक्रेन छोड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, अमेरिकियों को निकालने के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने का मतलब ‘विश्व युद्ध’ होगा।
एनबीसी न्यूज को बाइडन ने बताया, अमेरिकी नागरिकों को अब वहां से निकल जाना चाहिए। उन्होंने कहा, यह ऐसा नहीं है कि हम एक आतंकी संगठन के साथ डीलिंग कर रहे हैं, बल्कि हम दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक का सामना कर रहे हैं। यह एक बहुत ही अलग स्थिति है और चीजें कभी बदल सकती हैं। जब उनसे पूछा गया कि किस हालात में अमेरिकी सैनिकों को अमेरिकियों को यूक्रेन से निकालने की जरूरत होगी?
तो बाइडन ने कहा- ऐसा नहीं है, अमेरिका-रूस एक-दूसरे पर फायरिंग शुरू करते हैं तो यह एक विश्व युद्ध की तरह होगा। उधर, रूस ने 20 फरवरी तक युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इसमें बेलारूस के साथ मिलकर रूसी सेना समुद्र, जमीन और हवा के रास्ते बड़े बम गिराने का अभ्यास करेगी। ब्रिटिश रक्षामंत्री बेन वालेस ने कहा, रूसी सेना परमाणु रणनीति अभ्यास करने जा रही है, यह खतरनाक है।
क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराए
ब्रिटेन के रक्षामंत्री बेन वालेस ने कहा कि खुफिया सूचना है कि रूस ने यूक्रेन पर हमले के लिए तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद भी चीजें गलत दिशा में जा रही हैं। उधर, बेलारूस के साथ मिलकर रूसी युद्धाभ्यास में टैंक, लड़ाकू विमान और एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली के साथ हजारों सैनिक भाग ले रहे हैं। रूस ने यूक्रेन सीमा पर एक लाख से ज्यादा सैनिक जुटा लिए हैं।
दूसरी तरफ, अमेरिका ने जंग की आशंका में बीती रात हथियारों की दूसरी खेप यूक्रेन भेजते हुए 8,500 सैनिक हाई अलर्ट पर रखे हैं। ब्रिटेन ने भी यूक्रेन को बड़ी संख्या में अत्याधुनिक एंटी टैंक मिसाइलें सौंपी हैं। क्षेत्र में दोनों तरफ से तनाव है।
पश्चिमी देश हमें न दें उपदेश : रूस
यूक्रेन संकट में कमी लाने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर जोर डालने के लिए रूस पहुंची ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक की। लिज ने चेताया कि यूक्रेन पर हमले के गंभीर नतीजे होंगे। इस दौरान लावरोव ने भी दो टूक कहा कि पश्चिमी देश मॉस्को को उपदेश नहीं दें। उन्होंने कहा, वैचारिक दृष्टिकोण और अंतिम चेतावनी के रास्ते आगे नहीं बढ़ा जा सकता है।
ताइवान पर हमले की चीनी योजना को मिल रहा बल
एक तरफ यूक्रेन में रूस और अमेरिका-नाटो देशों की बीच गंभीर तनाव है वहीं मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्हीं हालात में चीन के लड़ाकू विमान ताइवान में घुस सकते हैं।
अमेरिकी ग्लोबल स्ट्रेट व्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते कुछ समय में चीन के लड़ाकू विमानों ने कई बार ताइवान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और उसके एयर डिफेंस जोन में घुसने की गलती की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अभी देख रहा है कि यूक्रेन-रूस तनाव पर विश्व किस तरह सोच रहा है और कौन किस खेमे में जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन तनाव से खतरनाक चीन-ताइवान विवाद होगा।