अगले महीने राष्ट्रपति पद छोड़ने से पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने अहिंसक अपराधों के दोषी 39 अमेरिकियों को माफी दी है। इसके साथ ही कोरोना महामारी के दौरान जेल से रिहा हुए और घरेलू कारावास में रखे गए करीब 1,500 लोगों की सजा कम की है। बाइडन ने जिन लोगों को क्षमादान दिया है उनमें चार भारतीय अमेरिकी भी शामिल हैं।
इनके नाम मीरा सचदेवा, बाबूभाई पटेल, कृष्णा मोटे और विक्रम दत्ता हैं। गुरुवार को घोषित सजा में छूट उन लोगों के लिए है, जिन्होंने रिहा होने के बाद कम से कम एक साल तक घरेलू कारावास की सजा काट ली है। बाइडन ने कहा, वह आने वाले हफ्तों में और कदम उठाएंगे और क्षमादान याचिकाओं की समीक्षा जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि दिसंबर 2012 में, डॉ मीरा सचदेवा को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही उनके द्वारा चलाए जा रहे कैंसर केंद्र में धोखाधड़ी के लिए लगभग USD8.2 मिलियन चुकाने का आदेश दिया गया था। वह अब 63 साल की हैं।
वहीं, बाबूभाई पटेल को 2013 में स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी साजिश, ड्रग्स ट्रैफिकिंग और धोखाधड़ी के लिए 17 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा 2013 में, 54 वर्षीय कृष्णा मोटे को 280 ग्राम से अधिक क्रैक कोकीन और 500 ग्राम से अधिक कोकीन की तस्करी करने की साजिश रचने का दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
वहीं, 63 साल के विक्रम दत्ता को जनवरी 2012 में मैनहट्टन संघीय अदालत में 235 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें मैक्सिकन नशीले पदार्थों के संगठन के लिए अपने इत्र वितरण व्यवसाय के उपयोग से लाखों डॉलर की हेराफेरी करने की साजिश के आरोप में दोषी पाया गया था।