अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए दो भारतीय-अमेरिकी नागरिक को सलाहकार समिति में नियुक्त किया है। इनमें फ्लेक्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेवती अद्वैती और प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद के सीईओ मनीष बापना है। इन दोनों को ‘व्यापार नीति एवं वार्ता’ की सलाहकार समिति के लिए नामित किया।
राष्ट्रपति बाइडन ने 14 लोगों की एक टीम की घोषणा की जो अमेरिकी सलाहकार समिति का हिस्सा होंगी इसमें रेवती अद्वैती, मनीष बापना, टिमोथी माइकल ब्रोस, थॉमस एम कॉनवे, एरिका आरएच फुच्स, मार्लन ई किम्पसन, रयान, शोंडा यवेटे स्कॉट, एलिजाबेथ शुलर, नीना ज्लॉस्बर्ग-लैंडिस और वेन्डेल पी वीक्स शामिल हैं। यह समिति अमेरिकी व्यापार नीति के विकास, क्रियान्वयन और प्रशासन के मामलों पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों को समग्र नीतिगत सलाह देती है।
चार साल फॉर्च्यून की उद्योग में सबसे शक्तिशाली महिलाओं रहीं रेवती अद्वैती
व्हाइट हाउस ने कहा कि 2019 में फ्लेक्स की सीईओ का पद संभालने के बाद से अद्वैती कंपनी की रणनीतिक दिशा तय करने और फ्लेक्स को बदलाव के जरिये अग्रणी बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रही हैं। यह कंपनी विनिर्माण में एक नये युग को परिभाषित कर रही है। उन्हें लगातार चार साल फॉर्च्यून की उद्योग में सबसे शक्तिशाली महिलाओं और बिजनेस टुडे की भारत में सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया।
फ्लेक्स से पहले अद्वैती इलेक्ट्रिकल सेक्टर वाली ईटन कंपनी में प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर की भूमिका में थीं, जिसमें एक लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। उन्होंने उबर और Catalyst.org के निदेशक मंडल में भी काम किया है। अद्वैती विश्व आर्थिक मंच के उन्नत विनिर्माण सीईओ समुदाय की सह-अध्यक्ष हैं और सीईओ क्लाइमेट लीडर्स के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) एलायंस में शामिल हुई थीं।
मनीष बापना प्राकृतिक संसाधनों के लिए किए काम
वहीं व्हाइट हाउस ने विज्ञप्ति में बताया कि मनीष बापना ने प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद (एनआरडीसी) के अध्यक्ष और सीईओ हैं। एनआरडीसी ने पिछली आधी सदी में कई पर्यावरणीय उपलब्धियां दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने 25 साल के करियर में बापना की नेतृत्व भूमिकाएं गरीबी और जलवायु परिवर्तन की मूल वजह से निपटने पर केंद्रित रही हैं।