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US Election: ट्रंप या कमला हैरिस, किसका जीतना भारत के लिए फायदेमंद? जानिए क्या बोले भारतीय अमेरिकी उद्योगपति

Wed, 06 Nov 2024 08:13 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

संत सिंह चटवाल ने कहा कि 'ट्रंप के पीएम मोदी के साथ अच्छे ताल्लुकात हैं, लेकिन कमला हैरिस को भी कम आंकना गलत होगा। मुझे ऐसा लगता है कि वे अपने भारत दौरे को लेकर उत्साहित हैं।
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संत सिंह चटवाल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। पूरी दुनिया की तरह भारत में भी अमेरिकी चुनाव की चर्चा है और लोगों के मन में एक सवाल है कि डोनाल्ड ट्रंप या कमला हैरिस, कौन भारत के साथ अमेरिकी संबंधों को मजबूत करेगा? इस पर भारतीय मूल के दिग्गज अमेरिकी उद्योगपति संत सिंह चटवाल का कहना है कि चाहे ट्रंप हों या कमला हैरिस, दोनों भारत के साथ मजबूत संबंधों को वरीयता देंगे। 
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ट्रंप अस्थिर व्यक्ति
संत सिंह चटवाल ने कहा कि 'ट्रंप के पीएम मोदी के साथ अच्छे ताल्लुकात हैं, लेकिन कमला हैरिस को भी कम आंकना गलत होगा। मुझे ऐसा लगता है कि वे अपने भारत दौरे को लेकर उत्साहित हैं। मुझे पक्का यकीन है कि अमेरिका के भारत के साथ अच्छे संबंध रहेंगे फिर चाहे कोई भी राष्ट्रपति बने।' ट्रंप या कमला हैरिस में किसके जीतने की संभावना ज्यादा है? इस सवाल पर चटवाल ने कहा कि 'मुझे लगता है कि कमला हैरिस के लिए लोग मतदान करेंगे क्योंकि ट्रंप बहुत अस्थिर व्यक्ति हैं।'

कमला हैरिस के जीतने की उम्मीद ज्यादा
भारतवंशी उद्योगपति ने कहा कि 'महिलाएं कमला हैरिस को वोट कर सकती हैं क्योंकि गर्भपात का मुद्दा अहम है। हालांकि मुकाबला कड़ा है, लेकिन मेरा दिल कह रहा है कि कमला हैरिस जीत जाएंगी और मैं ये ऐसा इसलिए नहीं कह रहा क्योंकि कमला हैरिस भारतीय अमेरिकी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनकी उम्मीद ज्यादा है।' चटवाल ने कहा 'बड़ी संख्या में लोगों ने मतदान किया और ये चुनाव बेहद महंगा भी रहा। बीते 45 वर्षों में मैंने बहुत से चुनाव देखे हैं, लेकिन इन चुनाव में अरबों डॉलर खर्च हुए हैं।'
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कनाडा की घटना पर जताया दुख
कनाडा में खालिस्तानियों द्वारा हिंदू मंदिर में मौजूद लोगों पर हमले की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि 'मुझे लगता है कि यह गलत दिशा में जा रहा है। यह खुद खालिस्तानियों के खिलाफ है, ये सब बेहूदगी है। जो लोग हिंसा कर रहे हैं, वे बेहद कम लोग हैं, जो कभी पंजाब नहीं गए। कनाडा की सरकार को इस मामले पर भारत की सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए और दोनों देशों को अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए।'
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