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निक्की हेली ने कहा- अमेरिका में नस्लवाद नहीं, ट्रंप ने देश को पहले रखा

Wed, 26 Aug 2020 05:02 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप-निक्की हेली (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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रिपब्लिकन राष्ट्रीय अधिवेशन के शुरुआती मौके पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत रह चुकी भारतवंशी स्टार वक्ता निक्की हेली में मंच संभाला।

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उन्होंने अमेरिका फर्स्ट के नारे को बुलंद करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के इस कथन को दृढ़ता से खारिज किया कि अमेरिका नस्लवादी है। उन्होंने खुद को पगड़ी और साड़ी पहनने वाले प्रवासी भारतीयों की बेटी बताते हुए कहा, देशवासी ट्रंप के पक्ष में मतदान करें।


निक्की हेली 2024 में खुद को संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बतौर भी मंच साझा किया। दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर के रूप में दो बार चुनी गई हेली ने कहा, डेमोक्रेटिक पार्टी में अमेरिका को नस्लवादी बताना एक फैशन बन गया है जो पूरी तरह से झूठ है। अमेरिका नस्ली देश नहीं है।
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उन्होंने कहा, बिडेन और कमला हैरिस का प्रशासन बहुत बुरा होगा। वे अमेरिका पर आरोप लगा रहे हैं जबकि ट्रंप ने देश को पहले रखा। ट्रंप ने चीन और उत्तर कोरिया के विरुद्ध सख्त कदम उठाए, ईरान समझौता खत्म किया।

हेली ने कहा, मैं भारतीय प्रवासियों की गौरवशाली बेटी हूं, हमारा परिवार अमेरिका में बसा, मैं एक अश्वेत और श्वेत दुनिया में भूरी लड़की थी। हमने भेदभाव और कठिनाई का सामना किया लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी शिकायत और नफरत नहीं की। उन्होंने कहा, अमेरिका में नस्लवाद की कोई जगह नहीं है। 

ट्रंप ने जताई चुनाव मेें धोखाधड़ी की आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति और आगामी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, वे अमेरिकियों को धोखा देने के लिए कोविड-19 का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि मेल-इन बैलट से मतदान में धोखाधड़ी हो सकती है। ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि अमेरिकियों को इस चीनी वायरस को दूर करना है और यह हो भी रहा है। 
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अमेरिकी पादरी की रिहाई पर भारत की प्रशंसा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अमेरिकी पादरी ब्रायन नरेन को रिहा करने के उनके अनुरोध को सुनने के लिए भारत की सराहना की है। इस पादरी को पिछले वर्ष अक्तूबर में 40,000 डॉलर की अघोषित मुद्रा ले जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। नरेन को इस साल मई में ट्रंप के दखल के बाद रिहा किया गया था।
 

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