भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बढ़ रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले के हल के लिए मध्यस्थ बनने की पेशकश की है। ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा, 'हमने चीन और भारत दोनों से कहा है कि अमेरिका दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थता करना चाहता है और इसके लिए तैयार है।'
बातचीत के जरिए तनाव को कम करने की कोशिशों के बावजूद पैंगोंग त्सो और गलवां घाटी में भारत-चीनी सैनिकों के बीच तनाव कम होने के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला है। दोनों सेनाएं पैंगोंग त्सो, गलवां घाटी और डेमचोक के विवादित क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं।
दरअसल, चीन ने लद्दाख में अक्साई चिन की गलवां घाटी में भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। इसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है।
इससे पहले अगस्त 2019 में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का मुद्दा रहे कश्मीर की स्थिति को लेकर भी मध्यस्थता करने की पेशकश की थी। ट्रंप ने तब कहा था कि कश्मीर बेहद उलझी हुई जगह है। यहां हिंदू और मुसलमान दोनों हैं और में यह नहीं कह सकता हूं कि दोनों के बीच संबंध अच्छे हैं। हालांकि, तब भारत ने ट्रंप की इस पेशकश को खारिज कर दिया था।