राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ अमेरिका के संबंध अब बहुत अच्छे हो गए हैं। दोनों देशों ने आपसी सहमति से 90 दिनों के लिए एक-दूसरे पर लगाए गए पारस्परिक शुल्क (टैरिफ) को हटाने का फैसला किया है। ट्रंप का यह बयान जेनेवा में अमेरिका और चीन के बीच हुई व्यापार वार्ता के बाद आया है।
ट्रंप ने जेनेवा व्यापार वार्ता को मैत्रीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि चीन के साथ संबंध अब बहुत अच्छे हो गए हैं। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात का संकेत भी दिया कि वह इस सप्ताह के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर बात कर सकते हैं।
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हम चीन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जेनेवा में हुई व्यापार वार्ता बहुत दोस्ताना माहौल में हुई। अब दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि हम चीन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। चीन को पहले ही बहुत नुकसान हुआ है। वहां की फैक्ट्रियां बंद हो रही थीं और हालात खराब थे। चीन हमारे साथ मिलकर काम करने के लिए बहुत खुश है। हम भी अच्छे रिश्ते चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि शायद मैं सप्ताह के अंत तक राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करूंगा।
90 दिनों तक एक-दूसरे पर नए टैरिफ नहीं लगाएंगे चीन-अमेरिका
अमेरिका और चीन ने इस बात पर सहमति जताई है कि वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और जवाबी शुल्क वापस ले लेंगे। इस बीच, चीन अमेरिकी वस्तुओं पर 10 फीसदी और अमेरिका चीनी वस्तुओं पर लगभग 30 फीसदी शुल्क वसूलेगा। दोनों देशों ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि उनका व्यापारिक संबंध न सिर्फ उनके लिए, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत जरूरी है। इसलिए दोनों देश आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के बारे में चर्चा जारी रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करेंगे।
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चर्चा में चीन की ओर से हे लाइपेंग और अमेरिका की ओर से स्कॉट बेसेंट शामिल होंगे
आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के बारे में चर्चा के लिए चीन की ओर से उप-प्रधानमंत्री हे लाइपेंग हिस्सा लेंगे। वहीं, अमेरिका की ओर से ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर शामिल होंगे। संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि ये बातचीत चीन और अमेरिका में बारी-बारी से आयोजित की जा सकती है या फिर दोनों की सहमति से किसी तीसरे देश में भी की जा सकती है।
अमेरिका ने पूर्व में 90 दिनों के लिए टैरिफ को टालने का लिया था फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दर्जनों ऐसे देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाए थे, जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है। बाद में, राष्ट्रपति ट्रंप ने कई देशों द्वारा व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने के बाद 90 दिनों के लिए शुल्क रोकने का फैसला किया। 9 अप्रैल से शुरू होने वाले इन 90 दिनों में, राष्ट्रपति ट्रंप सभी देशों पर 10 फीसदी बेसलाइन शुल्क लगाते हैं। चीन के लिए, ट्रंप ने संकेत दिया था कि शुल्क 245 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। अमेरिका के लिए, चीनी शुल्क 125 फीसदी थे। अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद से, राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पारस्परिकता पर अपना रुख दोहराया है। इस बात पर जोर देते हुए कि अमेरिका निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने के लिए भारत सहित अन्य देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों का मिलान करेगा।
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