अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के साथ बातचीत करने और उन्हें प्रतिबंधों में कुछ ढील देने के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने इसकी शर्त भी बताई है। आइए जानते हैं कि ट्रंप ने क्या कहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ताजा बयान में कहा है कि वे ईरान को प्रतिबंधों में राहत देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए ईरान को परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति दिखानी होगी। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब मध्यस्थ अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर फिर से लाने की कोशिश कर रहे हैं।
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अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश जारी
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका, मध्यस्थों के माध्यम से सकारात्मक बातचीत कर रहा है, लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि परमाणु मुद्दे के समाधान के बिना कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने शनिवार को दिए एक बयान में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
ट्रंप ने रविवार को एक्सियोस के साथ बातचीत में बताया कि इस सप्ताह ईरान के साथ बातचीत होने की उम्मीद है। अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो अमेरिका की तरफ से बातचीत करेंगे। हालांकि ट्रंप ने उन दावों का खंडन कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को कुछ रियायतें पेश की हैं।
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कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रंप ईरान को प्रतिबंधों में कुछ राहत देने और ईरान के फ्रीज धन को जारी करने के लिए तैयार हैं। ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वे परमाणु मुद्दे पर लचीला रुख अपना रहे हैं, लेकिन समय की प्रतिबद्धता को लेकर समझौता नहीं हो पा रहा है।
रुबियो बोले- ट्रंप ने दुनिया को बहुत बड़ी मुसीबत से बचाया
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सैन्य तौर पर मजबूत होने से पहले ही उन पर हमला कर दुनिया को बहुत बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। रुबियो ने दावा किया कि ईरान अपने मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हथियारों के स्टॉक को मजबूत कर रहा था ताकि उस पर हमले की स्थिति में वह अपने परमाणु कार्यक्रम को बचा सकता था, लेकिन ट्रंप ने इससे पहले ही ईरान पर हमले का आदेश देकर दुनिया को बड़ी मुसीबत में फंसने से बचा लिया।