इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एक्स@netanyahu
इस्राइली पीएम नेतन्याहू का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ये बयान इस्राइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस दावे के कुछ घंटे बाद आया, जिसमें कहा गया था कि गाजा में कोई भुखमरी नहीं है। हमारी नीति भुखमरी की नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हमने मानवीय मदद की अनुमति न दी होती, तो वहां कोई गाजा निवासी बचा ही नहीं होता। इस दौरान नेतन्याहू ने ये भी कहा कि हम युद्ध के अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि और ये लड़ाई बंधकों की रिहाई और हमास के खात्मे तक जारी रहेगी।
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24 घंटे में 14 की मौत, अब तक 147 लोग भूख से मरे
बात अगर भुखमरी से होने वाले मौतों की करें तो, मीडिया रिपोर्ट बताती है कि गाज़ा में पिछले 24 घंटों में 14 लोगों की मौत भूख और कुपोषण से हो गई है, जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं। वहीं गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्तूबर 2023 से अब तक कुल 147 लोग भूख से मर चुके हैं, जिनमें 88 बच्चे हैं।
मानवीय संकट गहराता जा रहा है
गौरतलब है कि गाजा में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। मार्च में इस्राइल ने पूरी तरह से गाजा पर ब्लॉकेड लगा दिया था, जिससे खाद्य सामग्री, ईंधन और दवाएं तक रोक दी गई थीं। मई में थोड़ी राहत मिली, लेकिन तब से अब तक बहुत सीमित मदद ही अंदर जा पाई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों ने बार-बार चेतावनी दी है कि गाजा में भुखमरी का संकट तेजी से फैल रहा है और अगर राहत नहीं पहुंची तो स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो सकती है।