एक साल पहले ही एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कुर्दों के सहयोग की जमकर तारीफ की थी। अब इस बात से मुकर जाने के बाद एक कुर्द पत्रकार रहीम राशिदी ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगियों के लिए सम्मान प्रकट करते हुए राशिदी को 'मिस्टर कुर्द' नाम भी दिया था और कुर्दों की सुरक्षा का वादा किया था।
न्यूयॉर्क में पत्रकारों के सामने उन्होंने कहा था कि कुर्द हमारे साथ लड़े हैं, उन्होंने हमारे लिए जान दी है। हम यह बात भूले नहीं हैं। अब ट्रंप अपनी ही कही बात से पलट गए हैं।
तुर्की ने अमेरिकी सेना के हटते ही बुधवार को सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों पर बम बरसाने शुरू कर दिए। इस हमले में सात नागरिकों की मौत हो गई। सेना हटाने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के सहयोगी तुर्की को चेतावनी दी थी कि यदि उसने सीरिया के खिलाफ कार्रवाई की तो उसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे।
वहीं, तुर्की के इस कदम पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तुर्की से तर्कसंगत कार्रवाई की उम्मीद जताई है। तुर्की की अर्थव्यवस्था के खिलाफ चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर उत्तरी सीरिया में अंकारा ने अपने ऑपरेशन में मानवीय पक्ष को नजरअंदाज किया तो वह अर्थव्यवस्था बर्बाद कर देंगे। ट्रंप ने कहा मैं प्रतिबंधों पर सहमत हूं लेकिन, अगर उन्होंने मानवीय रूप से कार्रवाई नहीं की तो हम इससे ज्यादा सख्त कदम उठाने के बारे में सोचेंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने सीरिया में कैद कर रखे गए कुछ सबसे खतरनाक आईएस (इस्लामिक स्टेट) लड़ाकों को एक अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। ट्रंप ने कहा कि इन्हें ऐसी जगह रखा गया है जहां सीरिया में तुर्की सैन्य घुसपैठ के दौरान उनपर नजर रखी जा सकेगी।
तुर्की के सैनिकों की टुकड़ियों ने बुधवार को उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों को पीछे करने के लिए घुसपैठ की थी। कुर्द लड़ाकों को ये आतंकी मानते हैं। वहीं, कुर्द लड़ाकों को अमेरिका समर्थन प्राप्त है और उन्होंने मार्च में आईएस के नियंत्रण वाले अंतिम क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया था।