अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि वेनेजुएला पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम वेनेजुएला की तरफ से अमेरिका में अपराधियों को भेजने और अमेरिका के प्रति उसकी दुश्मनी भरी नीतियों के कारण उठाया गया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश वेनेजुएला से तेल या गैस खरीदेगा, उसे अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार पर 25% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह टैरिफ 2 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
वेनेजुएला ने जानबूझकर अमेरिका में अपराधियों को भेजा- ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'वेनेजुएला ने जानबूझकर अमेरिका में खतरनाक अपराधियों को भेजा है, जिनमें हत्या और हिंसा में शामिल लोग शामिल हैं। इन अपराधियों में ट्रेन डी अरागुआ गैंग भी है, जिसे अब एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया गया है।'
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अमेरिका ने वेनेजुएला के गैंग के सदस्यों को बाहर निकाला
हाल ही में अमेरिका ने ट्रेन डी अरागुआ गैंग के सैकड़ों सदस्यों को अल सल्वाडोर भेज दिया। ट्रंप ने इसके लिए विदेशी शत्रु अधिनियम नाम का 18वीं सदी के कानून का इस्तेमाल किया, जिससे इनकी जल्दी निर्वासन की प्रक्रिया पूरी हो सके। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि 'राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश से हमने सैकड़ों खतरनाक अपराधियों को देश से बाहर निकाल दिया है।' व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने बताया कि अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में इस गैंग के करीब 300 सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
अल सल्वाडोर ने अपराधियों को जेल में रखने की पेशकश की
अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने कहा कि वे अमेरिका से 23 अपराधियों की अदला-बदली के बदले ट्रेन डी अरागुआ गैंग के सदस्यों को अपनी जेलों में रखने को तैयार हैं। अमेरिका इस व्यवस्था के लिए अल सल्वाडोर को 6 मिलियन डॉलर (करीब 50 करोड़ रुपये) देगा, जिससे वहां की जेल प्रणाली को आर्थिक मदद मिलेगी।
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वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कदम
व्हाइट हाउस ने ट्रेन डी अरागुआ गैंग को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह गैंग अमेरिका में घुसपैठ कर अमेरिका के खिलाफ युद्ध और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। अब अमेरिका ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी शुल्क लगाया जाएगा। इससे वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
बड़े आयातकों में शुमार भारत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
वहीं ट्रंप के इस फैसले पर विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो कुछ समय पहले ही वेनेजुएला के सबसे बड़े तेल खरीदारों में शामिल हुआ है। भारतीय कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदती हैं। भारत ने जनवरी 2024 में प्रतिदिन लगभग 2.54 लाख बैरल कच्चा तेल वेनेजुएला से आयात किया था, जो उस समय वेनेजुएला के कुल तेल निर्यात का लगभग 50 फीसदी था।