अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन अपनी विदाई से पहले बड़े फैसले ले रहे हैं। उन्होंने अब क्यूबा देश से आतंकवाद प्रायोजित देश का दर्जा हटाने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस ने संसद से कहा है कि यह फैसला द्वीप पर बंद राजनीतिक कैदियों की रिहाई को लेकर कैथोलिक चर्च द्वारा किए गए समझौते का एक हिस्सा है। इसके अलावा बाइडन प्रशासन ने क्यूबा पर आर्थिक दबाव कम करने का भी फैसला किया है। अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करेंगे।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि 20 जनवरी की दोपहर तक कई राजनीतिक कैदियों और अन्य लोगों को जिन्हें अमेरिका ने हिरासत में लिया था को रिहा कर दिया जाएगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि क्यूबा सरकार और कैथोलिक चर्च के बीच चल रही बातचीत को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाकर राष्ट्रपति बाइडन कई वैश्विक नेताओं और खासकर लैटिन अमेरिका के नेताओं के पसंदीदा बन गए हैं।
वहीं क्यूबा के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने भी पोप फ्रांसिस को बताया है कि वह क्यूबा में विभिन्न अपराधों में दोषी ठहराए गए 553 लोगों को रिहा करेगा। हालांकि क्यूबा के अधिकारियों ने रिहा किए जाने वाले लोगों के नाम नहीं बताए।
माना जा रहा है कि बाइडन प्रशासन का क्यूबा से आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश का दर्जा हटाने का फैसला अगले सप्ताह पलट सकता है। क्योंकि 20 जनवरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेंगे। ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में क्यूबा को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में शामिल किया था। अमेरिकी कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस सहित मानवाधिकार समूह और कार्यकर्ता, बाइडन पर क्यूबा को दिए गए दर्जें हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
बाइडन ने कैलिफोर्निया में की दो राष्ट्रीय स्मारकों की घोषणा
राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कैलिफोर्निया में दो राष्ट्रीय स्मारकों की घोषणा की। बाइडन ने जोशुआ ट्री नेशनल पार्क के पास दक्षिणी कैलिफोर्निया में चकवाला राष्ट्रीय स्मारक और उत्तरी कैलिफोर्निया में साटिट्ला हाइलैंड्स राष्ट्रीय स्मारक का एलान किया। इस घोषणा को पिछले सप्ताह लॉस एंजिलिस में लगी आग के चलते रोक दिया गया था।
राष्ट्रीय स्मारक घोषित होने के बाद चकवाला स्थल के 624,000 एकड़ और कैलिफोर्निया- ओरेगन सीमा के पास लगभग 225,000 एकड़ (800 वर्ग किलोमीटर) क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस की ड्रिलिंग, खनन , अन्य खोज और उत्पादन पहलों पर रोक लगाई गई है। राष्ट्रपति बाइडन ने अपने बच्चों को देश भर के राष्ट्रीय स्मारकों पर हर साल ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय स्मारक इस राष्ट्र का हृदय और आत्मा हैं। हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है कि इन्हें हम पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं।