अमेरिकी सांसदों ने बृहस्पतिवार को पहली बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मतदान किया।
प्रतिनिधि सभा की छह समितियां राष्ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग के मामले की जांच करेंगी। इसके अलावा अगर मामला ज्यादा ही मजबूत पाया गया तो वे न्यायिक समिति के पास भेजा जाएगा। अगर जांच में ट्रंप के खिलाफ सबूत नहीं मिले तो वे अपने पद पर बने रहेंगे और सबूत मिल गए तो प्रतिनिधि सभा महाभियोग प्रक्रिया की विभिन्न धाराएं लगाने के लिए संसद में वोटिंग कराएगी। महाभियोग के पक्ष में ज्यादा वोट आए तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर सीनेट के पास भेजा जाएगा जहां धाराओं की सुनवाई होगी। फिर ट्रायल में सीनेट ट्रंप को दोषी ठहराने के लिए वोटिंग कराएगी। सीनेट की आयोजित की गई इस वोटिंग में ट्रंप के पक्ष में दो तिहाई से कम वोट पड़े, तो ट्रंप पद पर बने रहेंगे और वोट ज्यादा पड़े, तो ट्रंप को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।
ट्रंप को पद से हटाने के लिए 20 रिपब्लिकन सांसदों को अपने ही राष्ट्रपति के विराध में वोट डालने होंगे। हालांकि इसकी संभावना कम है क्योंकि ट्रंप रिपब्लिकन से ही राजनीति में हैं। अभी तक अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग प्रक्रिया से नहीं हटाया गया है। इससे पहले अमेरिका के 17वें राष्ट्रपति एंड्रयू जॉन्सन और 42वें राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया चली थी, पर सफल नहीं हो पाई थी और दोनों अपने पद पर बने रहे थे।