सार
क्या अमेरिका अब ईरान पर हमला नहीं करेगा? क्या संघर्ष की उठती ज्वाला के बीच ट्रंप ने यू-टर्न ले लिया? यह सवाल आज इसलिए भी खड़ा हो रहा, क्योंकि अमेरिका की लगातार धमकी के बाद पाकिस्तान में ईरान के राजदूत अमीरी का बड़ा दावा सामने आया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने भरोसा दिया है कि अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा।
एक तरफ ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार और भयावह होता जा रहा है। दूसरी ओर अमेरिका की तरफ से विरोध कर रहे प्रदर्शकारियों का खुला समर्थन और फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी ने वैश्विक राजनीति में तहलका सा मचा रखा है। ऐसे में अब एक बड़ा दावा सामने आ रहा है। दावा यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला नहीं करने का भरोसा दिया है। यह बात पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगददाम ने कही। इसमें कितनी सच्चाई है, इस बात की पुष्टि अमर उजाला बिल्कुल भी नहीं करता, लेकिन अगर यह सच है तो सवाल ये खड़ा हो रहा है कि बड़े-बड़े दावों के बाद आखिर ट्रंप ने अचनाक से यूटर्न क्यों लिया?
बात अगर दावों की करें तो पाकिस्तान में ईरानी राजदूत अमीरी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भरोसा दिलाया है कि अमेरिका उस पर हमला नहीं करेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान से भी कहा है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी हितों पर हमला न करे। यह जानकारी उन्होंने पाकिस्तान के नेशनल रहमतुल-लिल-आलमीन ऑथॉरिटी के दौरे के दौरान दी।
ईरान में प्रदर्शन और हालात
बता दें कि ईरान में बीते कई दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे है। सरकार ने इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान में हस्तक्षेप की धमकी दी थी, लेकिन हाल में कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुक गई हैं और अब वे देखेंगे और समझेंगे कि आगे क्या करना है।
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मोगददाम ने अमेरिका और ठहराया जिम्मेदार
इसके साथ ईरान में हो रहे प्रदर्शन को लेकर मोगददाम ने कहा कि प्रदर्शन वैध शिकायतों के कारण हुए हैं, लेकिन उन्होंने अमेरिकी और पश्चिमी मीडिया को हिंसा भड़काने का दोषी बताया। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है और वर्तमान में कोई प्रदर्शन नहीं हो रहा। इस दौरान मोगददाम ने जोर देकर यह भी कहा कि ईरान शांति की दिशा में प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की आक्रामकता के लिए तैयार है।
सुरक्षा और तैयारियों की स्थिति पर एक नजर
अब बात अगर ईरान की वर्तमान स्थिति की करें तो प्रदर्शन के भयावह होते रूप को देखते हुए ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस बात पर मोगददाम ने कहा कि यदि कोई हमला होता है, तो ईरान अमेरिकी और इस्राइली प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
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अमेरिका और इस्राइली नेताओं पर भी भड़के मोगददाम
इसके साथ ही मोगददाम ने सात जनवरी को अमेरिकी और इस्राइली नेताओं द्वारा ईरान पर दिए गए बयान को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि हथियारबंद समूहों ने मस्जिदों, इमामबर्गाह और सार्वजनिक स्थानों पर हमले किए और आगजनी की। गौरतलब है कि ईरानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में मरने वालों की संख्या लगभग 3,000 से 12,000 के बीच बताई जा रही है।