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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव रचा गया इतिहास: ट्रंप को लगा झटका, डेमोक्रेट्स की बंपर जीत के क्या हैं सियासी मायने?

Wed, 04 Nov 2026 09:30 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, वाशिंगटन।

सार

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर ऐतिहासिक वापसी की है। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत प्रतिनिधित्व का नया दौर रही, जिसमें देश को पहली अश्वेत महिला गवर्नर कीशा लांस बॉटम्स, पहला मुस्लिम सीनेटर अब्दुल अल-सईदजैसे कई ऐतिहासिक चेहरे मिले। संसद पर नियंत्रण मिलने के बाद अब डेमोक्रेट्स के पास राष्ट्रपति ट्रंप के विधायी एजेंडे पर रोक लगाने और उनके प्रशासन के फैसलों की जांच करने की मजबूत राजनीतिक ताकत आ गई है।   
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अमेरिका में मध्यावधि चुनाव - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजे आ चुके हैं और इस बार का परिणाम वाकई चौंकाने वाला रहा है। देश भर के मतदाताओं ने अपनी वोटिंग से इतिहास रच दिया है, क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में ऐसे नेताओं की जीत हुई है जो अब तक राजनीति के मुख्य केंद्र से दूर थे। खास बात यह है कि इस चुनाव के बाद अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपना कब्जा जमा लिया है।
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इस बड़े सियासी उलटफेर से रिपब्लिकन पार्टी को तगड़ा झटका लगा है, जो पहले दोनों सदनों पर काबिज थी। संसद में डेमोक्रेट्स के मजबूत होने से अब न सिर्फ उनके पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे को रोकने की ताकत आ गई है, बल्कि वे खुलकर उनकी नीतियों और फैसलों की जांच भी कर सकेंगे।

किन राज्यों में गवर्नर्स की रेस में टूटे पुराने रिकॉर्ड?
इस चुनाव में कई राज्यों के गवर्नर्स पदों पर ऐतिहासिक और चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिले हैं। आइए जानते हैं कि किस राज्य में किसने बाजी मारी और क्या नए रिकॉर्ड बने।
  • जॉर्जिया और फ्लोरिडा का सियासी उलटफेर: जॉर्जिया में डेमोक्रेट की कीशा लांस बॉटम्स ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है और वह राज्य की पहली महिला और पहली अश्वेत गवर्नर बन गई हैं। वहीं, फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी के बायरन डोनाल्ड्स ने जीत हासिल कर राज्य के पहले अश्वेत गवर्नर होने का गौरव हासिल किया है।
  • टेक्सास और ओहियो में महिलाओं का दबदबा: टेक्सास में डेमोक्रेट गीना हिनोजोसा ने रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को हराकर पिछले तीन दशकों से चली आ रही पार्टी की बादशाहत को खत्म कर दिया है और वह राज्य की पहली लातिना गवर्नर बन गई हैं। इसके अलावा ओहियो में एमी एकटन ने जीत हासिल कर वहां की पहली महिला गवर्नर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
  • कैलिफोर्निया और विस्कॉन्सिन के नए चेहरे: कैलिफोर्निया में पूर्व कैबिनेट सचिव जेवियर बेसेरा को राज्य का पहला निर्वाचित लातिनो गवर्नर चुना गया है, जबकि विस्कॉन्सिन में डेविड क्रॉउली ने जीत हासिल कर राज्य के पहले ब्लैक गवर्नर होने का मील का पत्थर छुआ है।
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सीनेट और कांग्रेस की रेस में कौन से नए चेहरे चमके?
संसद के ऊपरी और निचले सदनों में इस बार जो चेहरे जीतकर पहुंचे हैं, उन्होंने देश की राजनीति की पूरी तस्वीर ही बदल कर रख दी है।
  • अब्दुल अल-सईद की ऐतिहासिक जीत: मिचेल से अब्दुल अल-सईद ने सीनेट सीट जीतकर अमेरिकी संसद के इतिहास में पहले मुस्लिम सीनेटर बनने का बड़ा मुकाम हासिल किया है। वहीं न्यू हैम्पशायर में क्रिस पापस ने जीत दर्ज कर देश के पहले खुले तौर पर समलैंगिक पुरुष अमेरिकी सीनेटर होने का रिकॉर्ड बनाया है।
  • साउथ कैरोलिना और टेक्सस का चुनावी परिणाम: साउथ कैरोलिना में एनी एंड्रयूज ने शानदार जीत हासिल करते हुए राज्य की पहली निर्वाचित महिला अमेरिकी सीनेटर बनने का गौरव प्राप्त किया, जबकि टेक्सस में जेम्स टैलारिको ने जीत दर्ज कर तीन दशकों में राज्य से सीनेट पहुंचने वाले पहले डेमोक्रेट बने हैं।
  • न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क के नए सांसद: न्यू जर्सी में एडम हमवी वहां के पहले मुस्लिम कांग्रेस सदस्य चुने गए हैं, जबकि न्यूयॉर्क में क्लेयर वाल्देज़ राज्य से पहली महिला मूल अमेरिकी (नेटिव अमेरिकन) कांग्रेस सदस्य बनकर संसद पहुंची हैं।

क्या है स्पीकर की कुर्सी का समीकरण?
संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में हुए इस नाटकीय बदलाव के बाद अब शीर्ष नेतृत्व में भी ऐतिहासिक फेरबदल होने जा रहा है। डेमोक्रेट्स की इस बड़ी जीत के बाद मौजूदा अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीस के देश के पहले अफ्रीकी अमेरिकी स्पीकर ऑफ द हाउस बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
  • कम उम्र और विविधता वाले युवा नेता: कोलोराडो की पहली अश्वेत महिला सांसद बनीं 29 वर्षीय मेलाट किरोस और मिशिगन के पहले समलैंगिक सांसद जेरेमी मॉस जैसे युवा नेता इस बार सदन की नई पीढ़ी का नेतृत्व संभालेंगे।
  • ट्रंप प्रशासन के सामने कड़ी चुनौतियां: संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से अब हाउस के पास राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के खिलाफ जांच शुरू करने, सुनवाई करने और सीधे समन जारी करने की असीमित शक्तियां आ गई हैं।

क्या है इस पूरे चुनाव परिणाम का लब्बोलुआब?
यह चुनाव अमेरिकी राजनीतिक इतिहास का एक ऐसा मील का पत्थर साबित हुआ है, जहां दशकों पुराने सियासी समीकरण पूरी तरह पलट गए हैं। देश भर के मतदाताओं ने अभूतपूर्व विविधता दिखाते हुए कई ऐतिहासिक और जमीनी बदलावों पर अपनी मुहर लगाई है। संसद और गवर्नर्स के पदों पर हुए इस बड़े फेरबदल से आने वाले समय में राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।
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