डेमोक्रेटिक सांसदों ने सोमवार को कांग्रेस और राष्ट्रपति जो बाइडन से टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की। सांसदों ने चीन स्थित बाइटडांस के लिए टिकटॉक की अमेरिकी संपत्ति बेचने के लिए 19 जनवरी की समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया। दरअसल, अगर ऐसा न होने पर कंपनी को अमेरिका में प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टिकटॉक और बाइटडांस की ओर से कानून को चुनौती देने पर सुनवाई की। कंपनियों के वकील नोएल फ्रांसिस्को ने कहा कि अगले सप्ताह की समयसीमा तक बिक्री पूरी करना असंभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रतिबंध लगाया जाता है तो 170 मिलियन अमेरिकियों की ओर से इस्तेमाल किया जाने वाला शॉर्ट वीडियो एप बंद हो जाएगा। इसके बाद यह देश में पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
क्या है मामला?
दरअसल, अप्रैल में राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षरित एक विधेयक को कानून में बदल दिया गया था, जिसके तहत चीन के बाइटडांस (टिकटॉक का मालिक) को 19 जनवरी को अमेरिकी प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में अमेरिका में टिकटॉक के पास एक ही ऑप्शन है कि वह खुद को किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दे। यदि ऐसा नहीं होता है तो कंपनी को अमेरिकी बाजार को छोड़ना होगा। अमेरिका में टिकटॉक के 170 मिलियन यानी करीब 17 करोड़ यूजर्स हैं।
अमेरिका का आरोप
टिकटॉक को लेकर अमेरिका की सरकार का आरोप है कि यह चीन को डाटा जुटाने और यूजर्स की जासूसी करने की अनुमति देता है। इसकी वीडियो होस्टिंग सेवा से दुष्प्रचार फैलता है। हालांकि चीन और बाइटडांस इसका विरोध कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में तीन न्यायाधीशों वाले अमेरिकी अपील अदालत ने सर्वसम्मति से कानून के आधार को बरकरार रखा कि टिकटॉक का चीनी स्वामित्व से अलग होना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक है।
क्या बाइडन राहत दे सकते हैं?
अगर बाइडन इस बात को मान लें कि बाइटडांस विनिवेश की दिशा में पर्याप्त प्रगति कर रहा है तो वे समयसीमा को 90 दिनों तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि, यह संभावना न के बराबर है कि बाइटडांस उस मानक को पूरा कर पाएगा।
किन सांसदों ने उठाया मुद्दा?
सीनेटर एडवर्ड मार्की ने कहा कि उन्होंने बाइटडांस को टिकटॉक बेचने या अतिरिक्त 270 दिनों के लिए प्रतिबंध का सामना करने की समय सीमा में देरी करने के लिए कानून पेश करने की योजना बनाई है। दरअसल, टिकटॉक प्रतिबंध उन लाखों अमेरिकियों पर गंभीर परिणाम डालेगा जो सामाजिक संपर्क और अपनी आर्थिक आजीविका के लिए एप पर निर्भर हैं। हम ऐसा होने की अनुमति नहीं दे सकते। इसके अलावा रो खन्ना ने बाइडन और ट्रंप से इस प्रतिबंध पर रोक लगाने का आग्रह किया।