यूएस डिस्ट्रिक्ट जज स्टेफनी हैन्स ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास वेनेजुएला के गिरोह ट्रेन डी अरागुआ को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अधिकार है। वह विदेशी शत्रु अधिनियम के तहत गिरोह के सदस्यों को निर्वासित कर सकते हैं। हालांकि, इससे पहले उन्हें कम से कम 21 दिन पहले नोटिस देना होगा।
पेन्सिलवेनिया के एक संघीय न्यायाधीश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आरोपी वेनेजुएला गिरोह के सदस्यों के निर्वासन को तेज करने के लिए 1798 के विदेशी शत्रु अधिनियम का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, इससे पहले उन्हें कम से कम 21 दिन पहले नोटिस देना होगा। जज ने यह भी कहा कि उनके निष्कासन को चुनौती देने का अवसर भी देना होगा। यह फैसला उस केस में आया है, जिसमें एएसआर नामक वेनेजुएला के एक व्यक्ति को अमेरिका से निकालने की कोशिश हो रही है।
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यूएस डिस्ट्रिक्ट जज स्टेफनी हैन्स ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास वेनेजुएला के गिरोह ट्रेन डी अरागुआ को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अधिकार है। वह विदेशी शत्रु अधिनियम के तहत गिरोह के सदस्यों को निर्वासित कर सकते हैं। हालांकि, जज ने यह फैसला नहीं सुनाया कि एएसआर गिरोह का सदस्य था या नहीं। जज ने कहा कि उसके जैसे लोगों को अपने निर्वासन को चुनौती देने का मौका दिया जाना चाहिए।
विदेशी शत्रु अधिनियम का समर्थन करने वाले पहले जज
जज हैन्स को ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान नियुक्त किया था। वह विदेशी शत्रु अधिनियम का समर्थन करने वाले पहले न्यायाधीश हैं। इस अधिनियम के तहत राष्ट्रपति ट्रंप ने मार्च में सैकड़ों लोगों को निर्वासित करने के कानूनी औचित्य के रूप में लागू किया था। इन लोगों पर ट्रंप प्रशासन ने ट्रेन डी अरागुआ के सदस्य होने का आरोप लगाया था।
अन्य जजों ने कानून के इस्तेमाल को बताया था गलत
इससे पहले, न्यूयॉर्क, कोलोराडो और टेक्सास के जजों ने ट्रंप द्वारा इस कानून के इस्तेमाल को गलत बताया था, लेकिन जज हैन्स ने इसे सही माना। हैन्स ने कहा कि सरकार को स्पेनिश और इंग्लिश में नोटिस देना चाहिए, और अगर जरूरत हो तो दोनों भाषाओं में नोटिस उपलब्ध कराने चाहिए।
गिरोह के सदस्यों को अल-साल्वाडोर की जेलों में भेज रहा ट्रंप प्रशासन
ट्रंप प्रशासन कथित गिरोह के सदस्यों को अल-साल्वाडोर की जेलों में निर्वासित कर रहा है। इसके लिए अमेरिका अल-साल्वाडोर को 6 मिलियन डॉलर का भुगतान कर रहा है। यह ट्रंप की सख्त आव्रजन नीति का हिस्सा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।