अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन की एक नई नीति को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस नीति के तहत 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद अकेले आए और बिना अनुमति वाले प्रवासी बच्चों को वयस्क हिरासत केंद्रों में रखा जाना था। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज रुदोल्फ कॉन्ट्रेरेस ने अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स इनफोर्समेंट को आदेश दिया कि वे किसी भी ऐसे बच्चे को वयस्क हिरासत में न रखें।
कुल 500 से कम लोगों को पैरोल पर छोड़ा
आईसीई के एक ईमेल में कहा गया कि नए वयस्कों को केवल आईसीई की व्यक्तिगत मामले की पैरोल अनुमति के तहत तत्काल मानवीय कारणों या महत्वपूर्ण सार्वजनिक लाभ के लिए ही छोड़ा जा सकता है। मार्च से सितंबर तक आईसीई ने कुल 500 से कम लोगों को पैरोल पर छोड़ा।
वादियों ने तर्क दिया कि पैरोल पर रिहाई लगभग नाममात्र की है और शेल्टर से बाहर हो रहे बच्चों को जमानत और आवश्यकता से अधिक वयस्क हिरासत में रखने से स्थायी नुकसान हो सकता है। यह खासकर तब सच है जब कुछ बच्चों के माता-पिता ने उनका उत्पीड़न किया हो, उन्हें छोड़ दिया हो या मानव तस्करी के शिकार रहे हों।
बिना माता-पिता के बॉर्डर पार करने वाले बच्चों को 4 लाख से अधिक बार गिरफ्तार
अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने अक्टूबर 2021 से अब तक बिना माता-पिता के बॉर्डर पार करने वाले बच्चों को 4 लाख से अधिक बार गिरफ्तार किया है। 2008 के कानून के अनुसार, उन्हें अपने देश लौटाए जाने से पहले इमिग्रेशन जज के सामने पेश होना आवश्यक है।
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ट्रंप प्रशासन के दौरान, बच्चों को उनके परिवार के पास छोड़ने से पहले सरकार के शेल्टर में ज्यादा समय बिताना पड़ा। अतिरिक्त जांच में फिंगरप्रिंटिंग, डीएनए टेस्ट और इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा घर पर विजिट शामिल हैं। इस गर्मी में इमिग्रेशन अधिकारी माता-पिता की गिरफ्तारी के लिए भी पहुंचे। जुलाई में अमेरिका में छोड़े गए बच्चों के लिए सरकारी शेल्टर में औसत समय 171 दिन था, जो अप्रैल के 217 दिन के उच्चतम स्तर से कम था, लेकिन जनवरी में 37 दिन की तुलना में अब भी बहुत अधिक था।