उन्होंने दोहराया कि ईरान हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ 'भाईचारे' और अच्छे संबंधों का पक्षधर रहा है। उनके अनुसार जवाबी कार्रवाई एक मजबूरी है, न कि किसी देश के साथ विवाद या उनके लोगों को नुकसान पहुंचाने की इच्छा। यह बयान ईरान की विदेश नीति के उस पहलू पर प्रकाश डालता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को बनाए रखने पर जोर देता है, भले ही वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को मजबूर हो।
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अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्या कहा था?
इससे पहले अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्षेत्रीय देशों पर हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि हाल में खाड़ी के कुछ देशों पर हुए हमले गलतफहमी के कारण हुए और तेहरान आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश करेगा। जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा।