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'बात मानो, नहीं तो बरसेंगे बम': संघर्ष विराम के बीच ट्रंप की ईरान को धमकी, होर्मुज खोलने के लिए रखी नई शर्त

Wed, 06 May 2026 06:07 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद जगी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान द्वारा तय शर्तों को मानने पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' समाप्त हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य खुल सकता है। हालांकि, ईरान को चेतावनी भी दी गई है कि समझौते पर न आने पर सैन्य कार्रवाई तेज होगी।
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डोनाल्ड  ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा संकेत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अगर ईरान तय शर्तों को मान लेता है, तो अमेरिका का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म किया जा सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगा सैन्य प्रतिबंध भी हटाया जा सकता है।

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ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दिया। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान पहले से तय शर्तों को स्वीकार करता है, तो संघर्ष समाप्त हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा, जिसमें ईरान भी शामिल होगा।

ट्रंप की सख्त चेतावनी
हालांकि ट्रंप ने साथ ही ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई और तेज और अधिक गंभीर स्तर पर की जाएगी। ट्रंप ने साफ कहा 'अगर वे सहमत नहीं होते, तो बमबारी शुरू होगी और यह पहले से कहीं ज्यादा तीव्र और बड़े स्तर पर होगी।'
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शांति समझौते की चर्चा तेज
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ईरान के साथ एक संभावित समझौते के बेहद करीब है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव 14 बिंदुओं पर आधारित है और अगले 48 घंटे में ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्ताव में 30 दिन की वार्ता अवधि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर भी सहमति बनाने की कोशिश चल रही है। प्रस्ताव में ईरान के यूरेनियम संवर्धन को लंबे समय तक रोकने की बात कही गई है, जबकि ईरान सीमित अवधि के लिए इसे रोकने पर सहमत बताया जा रहा है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र निरीक्षण और कड़े सुरक्षा नियम भी प्रस्ताव का हिस्सा हैं।
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