पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री
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ईरान से जंग के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई किसी अंतहीन युद्ध में नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद ईरान की मिसाइलों, नौसेना और अन्य सुरक्षा ढांचे को नष्ट करना है। पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने कहा, हम पूरी ताकत के साथ और बिना किसी हिचक के सटीक हमले कर रहे हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने सैन्य कार्रवाई पर क्या कहा?
हेगसेथ ने इस सैन्य अभियान को तेहरान के साथ दशकों से चले टकराव का अंत बताया। उन्होंने कहा, हमने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में हम इसे खत्म कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, अमेरिकियों के खिलाफ उनका युद्ध अब उनके अयातुल्ला के खिलाफ हमारी जवाबी कार्रवाई बन गया है।
ईरान के साथ परमाणु वार्ता पर हेगसेथ ने क्या कहा?
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कहा, राष्ट्रपति ट्रंप मुद्दे पर बहुत स्पष्ट हैं। ईरान जैसे कट्टर शासन को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, जो कट्टर इस्लामी भ्रम में डूबे हुए हैं।
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खामेनेई और सैन्य कमांडरों की मौत के बाद ईान की जवाबी कार्रवाई
पश्चिम एशिया में संकट गहरा गया है। अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य अभियान में शनिवार को ईरान पर हमले हुए, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मारे गए। इसके बाद ईरान ने इस्राइल, खाड़ी देशों और पश्चिमी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए हैं। लेबनान में स्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला ने भी इस्राइल पर मिसाइल दाग कर संघर्ष का एक नया मोर्चा खोल दिया है। इसके जवाब में इस्राइली वायु सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर भारी हवाई हमले किए हैं।
सऊदी में ईरान के हमले के बाद तेल रिफाइनरी बंद
ईरान ने सऊदी अरब में रास तनूरा तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला किया है। इससे इस रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल गया है। ईरान के मिसाइलों और ड्रोन ने अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों की सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया है, जिनमें साइप्र स्थित एक ब्रिटिश एयरबेस भी शामिल है। अमेरिका और इस्राइल का कहना है कि इन सैन्य अभियानका मकसद ईरान की आक्रामक क्षमता को खत्म करना है और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।