ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के मिसाइल हमले में किसी भी अमेरिकी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। कल रात को जो हमला हुआ था उसमें किसी भी शख्स की जान नहीं गई है और हमारे सभी सैनिक सुरक्षित हैं। थोड़ा बहुत नुकसान सैन्य ठिकानों को हुआ है। किसी भी अमेरिकी या इराकी शख्स या सैनिक की जान नहीं गई है।
ट्रंप ने कहा, कासिम सुलेमानी आतंकी था और हमने उसे खत्म कर दिया। वो ईरान की सेना का मुखिया था और वो ऐसी गतिविधियों में शामिल था, जो सही नहीं थी।
उसने (सुलेमानी) हिज्बुल्ला को बढ़ावा दिया। उसकी वजह से हजारों अमेरिकी सैनिकों की जान गई। सड़क के किनारे बम से हमले हुए। वह कई हमलों का मास्टरमाइंड था। हम ईरान पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं और ये प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान अपना रवैया बदलता नहीं है। अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हमारे जहाज तैनात रहेंगे।
ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने के रास्ते से हटना होगा। अब वक्त आ गया है कि अमेरिका, रूस, फ्रांस और जर्मनी को यह समझना होगा कि हमें मिलकर काम करना होगा। हमें एक ऐसा समझौता करना होगा, जिससे ईरान भी तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ सके। ईरान में एक महान देश बनने की सारी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि हमें अब मध्य पूर्व के तेल की जरूरत नहीं है और अमेरिका की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हो चुकी है। हम उसे परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे।
ईरान ने किया मिसाइल हमला
बगदाद में जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान ने मंगलवार रात को इराक में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। ईरान ने दावा किया कि उसने कुल 22 मिसाइलें दागीं जिसमें 80 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई।
हमले पर ट्रंप ने कहा था कि सब ठीक है, वह कल इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। बता दें अमेरिका के ड्रोन हमले में ईरान के कमांडर सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसे लेकर ईरान में आक्रोश की लहर है और उसने बदला लेने की बात कही है।
मंगलवार को सुलेमानी के जनाजे में करीब 10 लाख लोग जमा हुए थे जिससे पता चलता है कि वह अपने देश में किस कदर लोकप्रिय थे।