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कौन से नए पत्ते खोलने वाला है ईरान?: वार्ता की अटकलों के बीच स्पीकर गालिबाफ ने दिए बड़े संकेत, समझिए मायने

Tue, 21 Apr 2026 09:05 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

पश्चिम एशिया में कूटनीति की पतली डोर पर झूल रहे शांति की उम्मीद के बीच अब ईरान अमेरिका के खिलाफ कौन से नए पत्ते खोलने वाला है? पाकिस्तान में होने वाली वार्ता से पहले ईरान के संसद अध्यक्ष की दो टूक धमकी के क्या मायने हैं? शांति वार्ता की सफलता पर अभी भी संकट के बादल छाए हैं और तनाव बढ़ने की संभावना सातवें आसमान पर।

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मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, ईरानी संसद के अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब कूटनीति की पतली डोर पर झूल रहा है, जहां शांति के प्रयासों के बीच युद्ध का साया गहराता जा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता से ठीक पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने एक आग उगलता बयान देकर पूरे माहौल को और विस्फोटक बना दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि ईरान अब युद्ध के मैदान में नए पत्ते खोलने के लिए तैयार है, यानी जरूरत पड़ने पर कठोर और निर्णायक सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं।

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शांति वार्ता को लेकर तेज हो रही अटकलों के बीच गालिबाफ का यह बयान कई बड़े संकेत देता नजर आ रहा है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर ईरानी संसद अध्यक्ष कौन नए पत्ते को खोलने की बात कह रहे हैं? सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर इस नए पत्ते में वार्ता को लेकर कैसे संकेत हो सकते हैं? इसके साथ ही ये सवाल तो खूब पूछे जा रहे हैं कि ईरान अगर वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं दे रहा, तो ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? 

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धमकी के माहौल में बातचीत स्वीकार नहीं- गालिबाफ
सबसे पहले गालिबाफ के बयान पर नजर डालते हैं। उन्होंने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाबंदियां लगाकर और सीजफायर का उल्लंघन कर कूटनीति को कमजोर किया है। उनके मुताबिक अमेरिका बातचीत को समर्पण में बदलना चाहता है या फिर नए युद्ध का बहाना ढूंढ रहा है। गालिबाफ ने दो टूक अंदाज में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान धमकी के माहौल में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा।
 



अब गालिबाफ के बयान के मायने भी समझिए 
इस पूरी बात को ऐसे समझिए कि एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों को शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान भेज दिया है। दूसरी ओर अभी तक ईरान की ओर से इस मामले कोई सकारात्मक कदम नहीं देखा गया है। इतना ही नहीं वार्ता के बीच अब ईरान के संसद के स्पीकर गालिबाफ की दो टूक अंदाज में धमकी इस पूरे अटकलों को नया मोड़ दे रही है। गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका के खिलाफ अब ईरान नए पत्ते खोलने जा रहा है। 
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क्यों अहम है ये बातचीत?
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह वार्ता 22 अप्रैल को खत्म हो रही युद्धविराम (सीजफायर) की समय सीमा से ठीक पहले हो रही है, इसलिए इसे बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि अभी तक ईरान ने साफ तौर पर यह नहीं कहा है कि वह इन बातचीत में हिस्सा लेगा या नहीं, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शांति वार्ता में जाने को लेकर अभी तक संशय बरकरार है। कई मीडिया रिपोर्टस में ये दावा किया जा रहा है कि वेंस अभी तक पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुए हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वार्ता तय समय पर हो पाएगी या नहीं?

 

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