फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: स्विस समकक्ष कैसिस से मिले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची, बैठक की तैयारियां तेज

Sun, 21 Jun 2026 04:20 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, बर्न।

सार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ होने वाली बैठक से पहले स्विस समकक्ष से मुलाकात की है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार गालिबाफ भी स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। लेबनान संकट और होर्मुज की नाकेबंदी के बीच आज रविवार को परमाणु मुद्दे पर पहले दौर की बातचीत होने की उम्मीद है।

 
विज्ञापन
अमेरिका ईरान शांति समझौता - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न शहर के पास स्थित बर्गेनस्टॉक में कूटनीतिक हलचल बहुत तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने स्विस समकक्ष इग्नाजियो कैसिस से एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात की है। यह मुलाकात अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले हुई है। इस बैठक ने दोनों देशों के बीच होने वाली महाबैठक के लिए जमीनी माहौल तैयार कर दिया है।
विज्ञापन


स्विट्जरलैंड की सरकार ने इस बीच अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आगमन का जोरदार स्वागत किया है। स्विस विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर इसकी पुष्टि भी की है। उन्होंने बताया कि यह अमेरिकी दल दोनों देशों के बीच हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापन को लागू कराने के लिए यहां पहुंचा है।

जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी दल पहुंचा
इस बेहद संवेदनशील और तकनीकी स्तर की बातचीत के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड की धरती पर उतर चुके हैं। उनके साथ इस खास दौरे पर उनकी पत्नी और अमेरिका की दूसरी महिला उषा वेंस भी आई हैं। अमेरिकी दल में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। वाशिंगटन से रवाना होने से पहले उपराष्ट्रपति वेंस ने पत्रकारों से बात की थी।
विज्ञापन


वेंस ने कहा कि ईरानी दल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है। वेंस के मुताबिक यह बातचीत अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक में परमाणु मुद्दे और लेबनान युद्धविराम संकट पर सकारात्मक प्रगति होगी।



ईरान का 'मीनाब 168' दल भी तैयार
दूसरी तरफ से ईरान ने भी बातचीत के लिए पूरी तैयारी की है। ईरान का प्रतिनिधित्व वहां की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार इस वार्ता दल का नाम 'मीनाब 168' रखा गया है। यह नाम मीनाब स्कूल की घटना के पीड़ितों की याद में रखा गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बीते बुधवार को ही वर्चुअली इस 14 सूत्री समझौते पर दस्तखत किए थे। इस समझौते का असल मकसद दोनों देशों के बीच दुश्मनी को पूरी तरह खत्म करना है। साथ ही इसके जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू करने का लक्ष्य है।

विज्ञापन


कतर बना मध्यस्थ और जमीनी तनाव बरकरार
इस पूरी बातचीत को सफल बनाने में कतर बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी शुक्रवार को ही स्विट्जरलैंड पहुंच गए थे। कतर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क को आसान बनाने का काम कर रहा है। हालांकि कूटनीतिक टेबल से इतर जमीनी हकीकत अब भी काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।

इस्राइल की ओर से लेबनान में युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का एलान किया है। ईरान का कहना है कि लेबनान में सीजफायर इस समझौते का मुख्य हिस्सा था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस नए तनाव के बीच आज रविवार को ही परमाणु समझौते पर पहले दौर की बातचीत होने की पूरी उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: फ्रांस में गर्मी का कहर: सार्वजनिक जगह पर शराब पीना प्रतिबंधित, बाहर खेलने पर रोक, सेना को भी किया अलर्ट
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें