ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत संभव
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पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह महत्वपूर्ण घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार शाम को की, जबकि ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि इस युद्धविराम के प्रस्ताव को पाकिस्तान ने आगे बढ़ाया था।
पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। पाकिस्तान ने अनुरोध किया था कि ईरान पर विनाशकारी बल के प्रयोग को रोका जाए, बशर्ते कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोले। इसी शर्त पर अमेरिका ने दो सप्ताह के लिए ईरान पर बमबारी और हमले निलंबित करने पर सहमति जताई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक दोतरफा युद्धविराम बताया है।
इस्लामाबाद में वार्ता की उम्मीद
तेहरान में, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने युद्ध में दो सप्ताह के युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है। परिषद ने यह भी कहा कि वे शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेंगे। इस बीच, इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि सभी विवादों को निपटाने के लिए एक निर्णायक समझौते पर आगे बातचीत की जा सके।
समझौते की ओर बढ़ते कदम
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने बताया कि आमने-सामने की बातचीत के बारे में चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस द्वारा घोषणा किए जाने तक कुछ भी अंतिम नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका को ईरान से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिसे वे बातचीत के लिए एक व्यवहार्य आधार मानते हैं। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह की यह अवधि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक बड़े समझौते पर बातचीत करने हेतु उपयोग की जाएगी।