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Reactions on Ceasefire: ईरान में थमी जंग पर UN, चीन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड भी बोले; किनके बयानों में क्या?

Wed, 08 Apr 2026 08:38 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। इस्लामाबाद में होने वाली यह बातचीत पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है। 
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ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का कूटनीतिक हल निकलता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के लिए युद्धविराम का एलान किया है। वहीं, ईरान ने भी कुछ शर्तों के साथ अमेरिका संग बातचीत पर सहमति जताई है। 
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युद्धविराम के एलान कर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम का एलान करते हुए कहा, ''पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से हुई बातचीत के आधार पर ईरान के खिलाफ होने वाले विनाशकारी हमले रोक दिए गए हैं। इस शर्त पर कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत हो जाए, मैं दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमत हूं।''

ट्रंप ने कहा, ''अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो सप्ताह की अवधि समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने का मौका देगी। अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में और पश्चिम एशिया के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि यह दीर्घकालिक समस्या समाधान के करीब है।''
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ईरान ने की पाकिस्तान की तारीफ
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट में युद्धविराम को लेकर जानकारी दी। अब्बास अराघची ने कहा, ''पीएम शरीफ और अमेरिका द्वारा किए अनुरोध के आधार पर ईरान समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार करता है। अगर ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी सेनाएं अपने रक्षात्मक अभियान बंद कर देंगी। दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान के सशस्त्र बलों के साथ समन्वय के माध्यम से और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन संभव होगा।''

युद्धविराम पर क्या बोला चीन?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच चीन ने खुद को शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में पेश किया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने साफ कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ही चीन लगातार युद्ध रोकने और बातचीत का रास्ता खोलने में सक्रिय रहा है। माओ निंग ने बताया कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों से कई बार बातचीत की और कूटनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास किए गए। इसके साथ ही चीन और पाकिस्तान ने मिलकर मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के लिए पांच सूत्रीय पहल भी पेश की। 

नेतन्याहू बोले- ट्रंप के फैसले का समर्थन करता हूं
इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अमेरिका की ओर से ईरान युद्ध में सीजफायर के एलान पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ''इस्राइल राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के खिलाफ दो सप्ताह के लिए हमले निलंबित करने के फैसले का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत जलडमरूमध्य खोल दे। साथ ही अमेरिका, इस्राइल और क्षेत्र के देशों पर सभी हमले बंद कर दे।''

सीजफायर पर पाकिस्तान ने जताई खुशी
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, ''ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों सहित लेबनान और अन्य सभी क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। मैं इस दूरदर्शी कदम का हार्दिक स्वागत करता हूं। दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। मैं उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में एक निर्णायक समझौते पर आगे की बातचीत के लिए आमंत्रित करता हूं।।''

ब्रिटेन के पीएम बोले- राहत का पल
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बुधवार को खाड़ी क्षेत्र के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। यहां वे अमेरिका और ईरान के बीच रात भर में हुए युद्धविराम समझौते का समर्थन और उसे कायम रखने के लिए किए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर चर्चा करेंगे। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र की उनकी यात्रा का उद्देश्य संघर्ष का स्थायी समाधान लाना और ब्रिटेन तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था को आगे के खतरों से बचाना है। स्टार्मर ने कहा, "मैं रात भर में हुए युद्धविराम समझौते का स्वागत करता हूं, जिससे क्षेत्र और दुनिया को कुछ समय के लिए राहत मिलेगी।"

यूएन प्रमुख गुटेरेस क्या बोले?
 संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को अमेरिका और ईरान द्वारा दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने और युद्धविराम की शर्तों का अनुपालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा करने और मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए शत्रुता का तत्काल अंत जरूरी है।

ऑस्ट्रेलिया ने किया सीजफायर का स्वागत
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते को क्षेत्र में तनाव कम करने और एक स्थायी समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और विदेश मंत्री पेनी वोंग ने एक संयुक्त बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार लंबे समय से संघर्ष को समाप्त करने और तनाव कम करने का आह्वान कर रही थी। ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव उतना ही गंभीर होगा और मानवीय लागत भी बढ़ेगी। 

न्यूजीलैंड और मलयेशिया ने किया स्वागत
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया। पीटर्स ने कहा कि स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में अभी भी महत्वपूर्ण काम किया जाना बाकी है। मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह शांति और स्थिरता की बहाली के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव न केवल इस क्षेत्र में बल्कि शेष विश्व में भी शांति और स्थिरता की बहाली के लिए शुभ संकेत है।
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