अमेरिका के खुफिया विभाग ने एक बड़ा खुलासा किया है। उसका कहना है कि चीन जल्द ही क्यूबा में एक जासूसी केंद्र खोलने जा रहा है। यह केंद्र अमेरिका के फ्लोरिडा से 100 मील की दूरी पर मौजूद एक द्वीप पर स्थापित किया जाएगा। खुफिया विभाग का कहना है कि इस इलेक्ट्रॉनिक ईव्सड्रॉपिंग फैसिलिटी को स्थापित करने के लिए क्यूबा और चीन के बीच गुप्त समझौता हुआ है। इसके जरिए चीन अमेरिका पर निगाह रखेगा।
सूत्रों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन ने जासूसी केंद्र का निर्माण करना शुरू कर दिया है या नहीं। हालांकि, इन सारे दावों का क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने खंडन किया है। उनका कहना है कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
अमेरिकी तटों को होगा खतरा
फरवरी में भेजा था जासूसी गुब्बारा
गौरतलब है, ये पहली बार नहीं होगा, जब इस तरह की हरकत की खबर सामने आई है। इसी साल फरवरी में अमेरिका ने एक संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे को मार गिराया था। चीन ने इसे सामान्य मौसम वाला गुब्बारा बताया था। जबकि अमेरिका का दावा था कि इस गुब्बारे में जासूसी के लायक कई उपकरण तैनात थे।
चीन जाएंगे ब्लिंकन!
अमेरिका चीन के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिश में लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन चीन दौरे की योजना बना रहे हैं। उन्हें यह दौरा फरवरी में करना था, लेकिन तब जासूसी गुब्बारे वाले विवाद के कारण यात्रा रद्द कर दी थी। अब क्यूबा में जासूसी केंद्र खोलने को लेकर भी अमेरिका और चीन के बीच बवाल बढ़ रहा है। बाइडन प्रशासन ने चीन के साथ संबंधों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।