अमेरिकी हमलों के बाद भी ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, बल्कि इसमें कुछ महीनों की देरी हुई है। यह खुलासा अमेरिका की नई खुफिया रिपोर्ट में हुआ है। जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
रक्षा खुफिया एजेंसी ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को इस संबंध में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट से परिचित दो लोगों ने इस बात की जानकारी दी कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह नहीं हुआ है। रिपोर्ट में ईरान के परमाणु ठिकानों के मौजूदा हालात की जानकारी दी गई है। जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों का खंडन करती है। दोनों लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर इस बारे में जानकारी दी, क्योंकि ये दोनों सार्वजनिक रूप से इस मामले पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं थे।
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ईरान ने हमले से पहले ही हटाई यूरेनियम सामग्री
खुफिया रिपोर्ट से परिचित दोनों लोगों के अनुसार, रिपोर्ट में पाया गया है कि फोर्डो, नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर शनिवार को हुए हमलों से काफी नुकसान हुआ, लेकिन वे पूरी तरह से नष्ट नहीं हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हमलों से पहले ही कुछ अहम यूरेनियम सामग्री को इन साइटों से हटा लिया था, जिससे वह बच गई। साथ ही, ईरान के सेंट्रीफ्यूज (परमाणु उपकरण) भी ज्यादातर सुरक्षित हैं।
हमलों से फोर्डो का प्रवेश द्वार ढहा, अंदर का हिस्सा सुरक्षित
ईरान का फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र, जो पहाड़ के नीचे है, उसका मुख्य प्रवेश द्वार अमेरिकी हमलों से ढह गया है। हमलों से फोर्डो ठिकाने के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसलिए इसकी मरम्मत में समय लगेगा। लेकिन अंदर का ज्यादातर हिस्सा अब भी सुरक्षित है।
व्हाइट हाउस ने आकलन रिपोर्ट को खारिज किया
वहीं, व्हाइट हाउस ने आकलन को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे पूरी तरह गलत बताया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, 'इस रिपोर्ट को लीक करना राष्ट्रपति ट्रंप को नीचा दिखाने और ईरान के खिलाफ मिशन में शामिल बहादुर पायलटों का अपमान करने की कोशिश है। हर कोई जानता है कि जब आप 30,000 पाउंड के 14 बम एक साथ गिराते हैं, तो उसका मतलब होता है- पूरी तरह नष्ट हो जाना।'
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ट्रंप और नेतन्याहू ने परमाणु ठिकाने तबाह होने का किया है दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार समेत हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियों और पोस्ट में कहा है कि हमलों के कारण ईरान में स्थित परमाणु ठिकाने पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। ईरान कभी भी अपनी परमाणु सुविधाओं का पुनर्निर्माण नहीं कर पाएगा। नेतन्याहू ने भी कहा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे और वास्तव में हमने ईरान परमाणु कार्यक्रम को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका का इस्राइल के साथ जुड़ना ऐतिहासिक था। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को इसके लिए धन्यवाद दिया।
सीआईए ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार किया
वहीं, सीआईए और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय ने डीआईए के आकलन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ओडीएनआई देश की 18 खुफिया एजेंसियों के काम का समन्वय करता है, जिसमें डीआईए भी शामिल है, जो रक्षा विभाग की खुफिया शाखा है और विदेशी सेनाओं व विरोधियों की क्षमताओं के बारे में खुफिया जानकारी तैयार करने के लिए जिम्मेदार है।
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