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अमेरिका: वाशिंगटन में भारतीय आमों जलवा, स्वाद चखने के लिए लंबी कतारों में खड़े हुए लोग; आपूर्ति बढ़ाने की मांग

Sun, 28 Jun 2026 04:45 AM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, वॉशिंगटन।

सार

वाशिंगटन के डुपोंट सर्कल में आयोजित वार्षिक मैंगो फेस्टिवल में भारतीय आमों को चखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और कई आगंतुकों ने इन्हें बेहद खास और अलग स्वाद वाला बताया। इस आयोजन में भारत की बागवानी विविधता और विभिन्न किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए। पढ़िए रिपोर्ट-
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भारतीय आमों की मिठास ने जीता अमेरिकियों का दिल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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वाशिंगटन के प्रसिद्ध डुपोंट सर्कल में शनिवार दोपहर आयोजित वार्षिक मैंगो फेस्टिवल में सैकड़ों लोग भारतीय आमों का स्वाद चखने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। आम चखने के बाद कई लोगों ने कहा कि अमेरिका में भारतीय प्रीमियम किस्म के आम अधिक मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए। इस कार्यक्रम के जरिये भारत की समृद्ध बागवानी और फलों की विविधता को भी प्रदर्शित किया गया।
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इस मैंगो फेस्टिवल का आयोजन वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने एपीडा (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण), वाणिज्य विभाग और डुपोंट सर्कल व्यापार सुधार जिला के सहयोग से किया। मेले में अल्फांसो, केसर, दशहरी, लंगड़ा, बंगनपल्ली, चौसा, मालदा और राजापुरी जैसे भारत के कई प्रसिद्ध आम लोगों को चखने के लिए दिए गए।

भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने क्या कहा?
  • अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि यह मैंगो फेस्टिवल हर साल तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है।
  • उन्होंने कहा कि अब यह एक बड़ा वार्षिक आकर्षण बन चुका है। उन्होंने कहा, लोग सिर्फ आम खाने के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय खाने का स्वाद लेने के लिए भी यहां आए हैं।
  • उन्होंने कहा कि अगर आप डुपोंट सर्कल में घूमेंगे तो हर तरफ भारतीय आम चखने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई देंगी। यहां बिरयानी के साथ भारतीय चावल परोसा जा रहा है। भारतीय चाय और भारतीय कॉफी भी लोगों को दी जा रही है। लोग बहुत खुश हैं। इसका आनंद ले रहे हैं। हमें भी यह देखकर खुशी हो रही है। 
  • उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में भारतीय आमों की और ज्यादा मात्रा में आपूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जो आम यहां आते हैं, वे दुकानों की अलमारियों तक पहुंचने से पहले ही बिक जाते हैं।
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आम का स्वाद चखने के बाद लोगों ने क्या कहा?
आम का स्वाद चखने के बाद वहां आए लोगों ने भी यही इच्छा जताई कि भारतीय आम अमेरिका में ज्यादा मात्रा में मिलने चाहिए। क्रिस्टल नाम की एक महिला ने कहा कि उन्हें राजापुरी आम सबसे ज्यादा पसंद आया। उन्होंने कहा, मैंने भारतीय आमों के बारे में बहुत अच्छी बातें सुनी थीं। इसका स्वाद बाकी आमों से बिल्कुल अलग है। यह बहुत मीठा, मुलायम और बेहद स्वादिष्ट है। मुझे यह बहुत पसंद आया। 
 

एक अन्य आगंतुक डेविड वुडहेड ने कहा कि भारतीय आम खाते ही उन्हें भारत की याद आ गई। उन्होंने कहा, जैसे ही मैंने यह आम चखा, ऐसा लगा कि मैं समय में पीछे जाकर फिर से भारत पहुंच गया हूं। इसका स्वाद बहुत गहरा और शानदार है। अमेरिका के कॉस्टको जैसे स्टोर में हमें ऐसे आम नहीं मिलते। भारतीय आम सच में अलग होते हैं।

राधा नाम की एक अन्य महिला ने कहा कि भारतीय दुकानों में मिलने वाले मैक्सिको के आमों का स्वाद भी भारतीय आमों जैसा नहीं होता। उन्होंने कहा, हम भारतीय स्टोर से मैक्सिको के आम खरीदते हैं। लेकिन उनमें वह स्वाद नहीं होता जो अभी मैंने भारतीय आम में महसूस किया। अगर यहां भारतीय आम ज्यादा मिलें तो बहुत अच्छा होगा। इनके स्वाद सच में बहुत अलग और खास होते हैं।

भारतीय निर्यातकों ने क्या कहा?
फेस्टिवल में शामिल एक भारतीय निर्यातक ने कहा कि लोगों का शानदार उत्साह देखकर भारतीय कंपनियां अब अमेरिका में और ज्यादा किस्म के आम भेजने की योजना बना रही हैं। निर्यातक रवि सोनी ने बताया कि उनकी कंपनी अभी केवल कुछ ही किस्मों के आम अमेरिका भेजती है, लेकिन अगले साल चार-पांच किस्मों की जगह 15 से 20 किस्मों के आम निर्यात करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगले साल लोगों को भारतीय आम ज्यादा सस्ते दामों में और कई नई किस्मों में मिल सकेंगे।
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भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आम पैदा करने वाला देश है। यहां अलग-अलग राज्यों में सैकड़ों किस्म के आम उगाए जाते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी नियमों और निर्यात से पहले विशेष प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत के कारण केवल कुछ ही किस्मों का निर्यात किया जाता है। अल्फांसो, केसर और बंगनपल्ली जैसी प्रीमियम किस्में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ अब अमेरिकी ग्राहकों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
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