नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने 27वें आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर भारत का स्वागत किया है। नासा के प्रमुख बिल नेल्सन ने स्पेस में भारत के साथ समझौते को लेकर खुशी व्यक्त की है। 21 जून को वॉशिंगटन में आयोजित कार्यक्रम में भारत आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 27वां देश बन चुका है। हस्ताक्षर कार्यक्रम में बिल नेल्सन और अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में बिल नेल्सन ने कहा, 'नासा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति हैरिस की तरफ से कहूंगा कि भारत के साथ पृथ्वी और स्पेस में साझेदारी कर बहुत खुशी हो रही है। हम पहले से अधिक आगे बढ़ रहे है। हम कैसे आगे बढ़ रहे हैं ये जितना महत्वपूर्ण है उतना महत्वपूर्ण यह भी है कि हम अपने गंतव्य पर पहुंचकर क्या करेंगे।'उन्होंने कहा, 'हम शांतिपुर्वक ढंग से बढ़ना चाहते हैं। हम पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ना चाहते हैं। मुश्किल समय में एक दूसरे का समर्थन करना चाहते हैं। आर्टेमिस समझौते पर भारत का हस्ताक्षर के लिए हम खुद को गौरववान मानते हैं।'
तरनजीत सिंह ने कहा कि आर्टेमिस समझौते का हिस्सा बनकर भारत ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह हमारे द्विपक्षीय अंतरिक्ष समझौते के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। भारत एक जिम्मेदार आंतरिक्ष शक्ति के तौर पर शांतिपूर्ण और टिकाऊ उपयोग को सर्वोच्च महत्व देता है।
नासा ने 2020 में अमेरिका के विदेश विभाग के समन्वय में सात अन्य संस्थापक देशों के साथ आर्टेमिस समझौते की स्थापना की थी। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने पर पीएम मोदी का धन्यवाद किया। अमेरिका दौरे के दौरान ही पीएम मोदी ने आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करने की जानकारी दी थी।
कमला हैरिस ने पीएम मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा, 'जब मैं आपसे पहली बार व्हाइट हाउस में मिली, तब मैंने आपको आर्टेमिस समझौते में शामिल होने के लिए कहा था। यह बहुत ही सुरक्षित और पारदर्शी है और मुझे यह कहते हुए बेहद खुशी हो रही है कि आपने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर लिया है।'
उन्होंने राष्ट्रीय आंतरिक्ष परिषद के अध्यक्ष के तौर पर पृथ्वी-विज्ञान और उपग्रह पर भारत-अमेरिका के संयुक्त कार्य के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया। उनका मानना है कि इससे जलवायु परिवर्न में भी मदद मिलेगा।
पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा काफी सफल : पांडा
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष शुभ्रकांत पांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की यात्रा काफी सफल रही है। सेमीकंडक्टर, ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी, रक्षा अधिग्रहण, आर्टेमिस समझौता आदि से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, आपसी विश्वास के एक नए अध्याय की शुरूआत है। इससे न सिर्फ दोनों देशों को बल्कि पूरी दुनिया को लाभ होगा। जैसा की प्रधानमंत्री ने कहा, भविष्य एआई का है।