अमेरिका से भारतीय आप्रवासियों को निर्वासित करने के बीच कोस्टा रिका एक सेतु के रूप में काम करने पर सहमत हो गया है। मंगलवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उसने कहा कि वह भारत और मध्य एशिया सहित अमेरिका में अवैध आप्रवासियों को वापस लाने के लिए सेतु बनकर काम करने को तैयार है। राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस रोबल्स के कार्यालय के अनुसार, 200 प्रवासियों का पहला जत्था बुधवार को एक वाणिज्यिक उड़ान से जुआन सांतामारिया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचेगा।
कोस्टा रिका निर्वासितों के लिए सेतु का काम करेगा
बयान में कहा गया है कि कोस्टा रिका की सरकार 200 अवैध अाप्रवासियों को उनके देश वापस लाने में अमेरिका के साथ सहयोग करने पर सहमत है। इस जत्थे में मध्य एशिया और भारत के देशों से आए लोग हैं। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया कि उनमें से कितने भारत से हैं। इसमें कहा गया कि कोस्टा रिका निर्वासितों के लिए उनके मूल देशों तक पहुंचाने में एक सेतु के तौर पर काम करेगा। इन आप्रवासियों को उनके मूल देशों में भेजने से पहले मध्य अमेरिकी राष्ट्र में एक अस्थायी प्रवासी देखभाल सुविधा में स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रवासियों की देखभाल की निगरानी
अमेरिका द्वारा वित्तपोषित स्वदेश वापसी की निगरानी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) द्वारा की जा रही है, जो देश में रहने के दौरान प्रवासियों की देखभाल की निगरानी करेगा। अवैध आप्रवासियों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई के बीच कुल 332 भारतीयों वाले तीन बैचों को पहले ही भारत वापस भेज दिया गया है।