अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो के मेयर ब्रैंडन जॉनसन और इलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर को जेल भेजने की बात कही है। उन्होंने जॉनसन और प्रित्जकर पर संघीय आव्रजन अफसरों की सुरक्षा से समझौता करने के गंभीर आरोप लगाए। ट्रंप की नाराजगी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि यह मामला नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती से जुड़ा है। जानिए पूरा मामला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी कठोर नीतियों के कार्यान्वयन को लेकर आक्रामक हैं। उन्होंने आव्रजन विवाद से जुड़े एक मामले में कहा है कि शिकागो के मेयर और इलिनोइस के गवर्नर को जेल में होना चाहिए। उन्होंने दोनों लोगों पर संघीय आव्रजन अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहने का आरोप भी लगाया। शिकागो में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती की तैयारी के बीच आक्रोशित दिख रहे ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'शिकागो की मेयर को ICE अधिकारियों की सुरक्षा में विफल रहने के लिए जेल में होना चाहिए! गवर्नर प्रित्जकर को भी!'
विज्ञापन
शिकागो में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले का विरोध
बता दें कि शिकागो में नेशनल गार्ड्स की तैनाती के मामले में स्थानीय अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले का विरोध किया है। शिकागो देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। अधिकारियों के कड़े विरोध के बावजूद ट्रंप प्रशासन अड़ा हुआ है। उन्होंने जॉनसन और प्रित्जकर को जेल भेजने वाली टिप्पणी अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) अधिकारियों के संदर्भ में की। यह बयान ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच आव्रजन के मुद्दे पर जारी टकराव में बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।
टेक्सास के अलावा अन्य शहरों में भी कर सकते हैं कार्रवाई
खबरों के अनुसार, टेक्सास नेशनल गार्ड के सैकड़ों सैनिक पहले से ही शिकागो के बाहर एक सैन्य केंद्र में तैनात किए जा चुके हैं। गवर्नर प्रित्जकर और मेयर ब्रैंडन जॉनसन ने इसका कड़ा विरोध किया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इसी तरह की कार्रवाई अन्य शहरों में भी कर सकते हैं।
एफबीआई निदेशक जेम्स कोमी पर लगे हैं गंभीर आरोप
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कई राज्य ट्रंप के फैसले का विरोध कर रहे हैं। एक अन्य मामले में देश की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी अदालत में आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
नेशनल गार्ड्स की तैनाती का मामला भी विवादों में
अमेरिकी राजनीति का एक अन्य अहम मामला नेशनल गार्ड की तैनाती से जुड़ा है। वॉशिंगटन डीसी की एक अदालत में इस बात पर बहस चल रही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की राजधानी में नेशनल गार्ड की तैनाती का जो आदेश दिया है, वह वैध है या नहीं। कई राज्यों ने वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की अनिश्चितकालीन तैनाती को चुनौती देने वाले मुकदमे का पक्ष लिया है और उन्होंने जो पक्ष चुना है, वह उनकी राजनीतिक पार्टी की विचारधारा के अनुरूप है। इस मुकदमे पर अब 24 अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।