डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि ट्रंप ने संसद को जानकारी दिए बिना ही इराक में ईरानी जनरल सुलेमानी पर ड्रोन हमले की इजाजत दे दी थी। इसके बाद प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने अमेरिकी सांसदों को चिट्ठी लिखकर राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई को सीमित करने का प्रस्ताव रखा था। नैंसी ने कहा था कि ट्रंप प्रशासन ने ईरानी जनरल सुलेमानी की हत्या की और तेहरान के साथ तनाव बढ़ाकर हमारे अधिकारियों, राजनयिकों और अन्य लोगों को खतरे में डाल दिया है।
पोम्पियो ने यूएन महासचिव गुटरेस से की बातचीत
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस से मध्य पूर्व एशिया के हालात और ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर चर्चा की। पोम्पियो ने ट्वीट किया, ‘यूएन महासचिव से ईरान के साथ बढ़ते पर तनाव और मध्य पूर्व एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। यूएन चार्टर के महत्व पर भी बात हुई।’
इराक के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अदेल अब्देल महदी ने अमेरिका पर अपने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। महदी ने सैनिकों को इराक से वापस बुलाने के लिए ट्रंप प्रशासन से जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल भेजने को कहा है। महदी ने बृहस्पतिवार देर रात अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो से बात की और इराक से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का आग्रह किया। ईरानी जनरल सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में हत्या के बाद अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने को लेकर इराकी संसद में एक प्रस्ताव पारित हुआ था।
शीर्ष धर्मगुरु सिस्तानी ने की अमेरिका की आलोचना
इराक के शीर्ष शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने शुक्रवार को अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘इराक की जमीन पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं, इसका देश की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई में इराक पिस रहा है। किसी भी विदेशी शक्तियों को इराक के भाग्य का फैसला करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हमला इराक की संप्रुभता का उल्लंघन है।’
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव पर यूरोपीय देश चिंतित
ब्रुसेल्स। यूरोपीय देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जाहिर की है। यूरोपीय देशों ने वाशिंगटन और तेहरान दोनों से शांति बनाए रखने की अपील की है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव कैसे कम हो, इसका रास्ता निकालने के लिए यूरोपीय यूनियन के मंत्रियों ने आपात बैठक बुलाई है। ईयू के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि ईरान ने तनाव कम करने की बात कही है, जो अच्छे संकेत हैं।