अमेरिकी सदन ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की कोशिश को भारी बहुमत से मतदान कर खारिज कर दिया। उन पर ईरान हमलों को लेकर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि उन्होंने ईरान पर सैन्य हमले करने के लिए कांग्रेस से इजाजत नहीं ली।
टेक्सास से एकमात्र डेमोक्रेट सांसद अल ग्रीन ने अचानक यह प्रस्ताव पेश किया। लेकिन इस प्रस्ताव पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई और खुद उनकी पार्टी के कई लोग भी उनके साथ नहीं थे। ज्यादातर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन मिलकर इस प्रस्ताव को टालने में लग गए। फिर भी, डेमोक्रेट्स समेत 79 सांसदों ने ग्रीन के इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि 344 ने इसके खिलाफ वोट दिया।
बिना कांग्रेस से पूछे अमेरिकियों को युद्ध की तरफ ले जाने का किसी को हक नहीं होना चाहिए
मतदान से पहले ग्रीन ने कहा, 'मैं जो कर रहा हूं, उससे मुझे कोई खुशी नहीं है। मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि किसी भी व्यक्ति को यह हक नहीं होना चाहिए कि वह 300 मिलियन से अधिक अमेरिकियों को बिना कांग्रेस से पूछे युद्ध की तरफ ले जाए। मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि मैं समझता हूं कि या तो संविधान का पालन होगा या फिर यह बेकार हो जाएगा।'
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कई डेमोक्रेट सांसद ट्रंप प्रशासन से खुश नहीं
जनवरी में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली बार नहीं है, जब उनके खिलाफ महाभियोग की कोशिश हुई हो। इससे यह पता चलता है कि कई डेमोक्रेट सांसद ट्रंप के प्रशासन से खुश नहीं हैं। खासकर तब जब ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अचानक हमला किया, जो मध्य पूर्व के मामलों में एक जोखिम भरा हस्तक्षेप है।
ट्रंप ने एलेक्जेंड्रिया को कहे थे अपशब्द
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को न्यूयॉर्क की सांसद और डेमोक्रेट एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज को अपशब्द कहे, क्योंकि उन्होंने सुझाव दिया था कि ईरान के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई महाभियोग योग्य अपराध है। हालांकि, डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने ग्रीन की खुलकर आलोचना नहीं की, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि अभी उनका ध्यान महाभियोग पर नहीं, बल्कि दूसरे मुद्दों पर है- जैसे ट्रंप के टैक्स कानून को रोकना।
कैलिफोर्निया के सांसद पीट एगुइलर ने कहा कि सांसद वही करेंगे जो उनके मतदाता चाहते हैं। उन्होंने यहा भी कहा कि अभी सबसे जरूरी काम ट्रंप के टैक्स प्लान से निपटना है, न कि महाभियोग।
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पहले भी ट्रंप पर दो बार चलाया जा चुका है महाभियोग
ट्रंप पर उनके पहले कार्यकाल के दौरान हाउस डेमोक्रेट्स द्वारा दो बार महाभियोग चलाया गया था। पहली बार 2019 में, जब ट्रंप ने यूक्रेन की आर्थिक मदद रोक दी थी, क्योंकि यूक्रेन को रूस से सैन्य आक्रमण का सामना करना पड़ रहा था। दूसरी बार 2021 में ट्रंप पर महाभियोग चलाया गया। क्योंकि उनके समर्थकों ने राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन की जीत को रोकने की कोशिश की थी और 6 जनवरी को कैपिटल पर हमला कर दिया था। हालांकि, दोनों महाभियोग मामलों में सीनेट ने ट्रंप को आरोपों से बरी कर दिया, जिससे उन्हें दोबारा राष्ट्रपति पद पर लौटने की अनुमति मिल गई।
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