सीरिया में दमिश्क के पास रविवार को मार एलियास चर्च पर किए गए घातक हमले के पीछे आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह का हाथ था। इस हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी। सीरिया के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि एक शिया धर्मस्थल को निशाना बनाने के लिए जाते दूसरे हमलावर को पकड़ लिया गया है। उससे पूछताछ के बाद सुरक्षा बल स्लीपर सेल के नेता तक पहुंचने में कामयाब रहे।
सीरिया के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को दावा किया कि दमिश्क के पास एक चर्च पर हुए घातक बम विस्फोट के पीछे आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह का हाथ था। हमलावर स्लीपर सेल थे, जिनकी योजना अगला निशाना शिया धर्म स्थल को बनाने की थी।
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गौरतलब है कि रविवार (स्थानीय समयानुसार) को दमिश्क के पास मार एलियास चर्च पर हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब वास्तविक इस्लामिक शासन के तहत दमिश्क देश के अल्पसंख्यकों का समर्थन जीतने की कोशिश कर रहा है।
शिया धर्म स्थल को निशाना बनाने जाते दूसरे हमलावर को पकड़ा
नूरेद्दीन अल-बाबा ने मंगलवार को पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि सोमवार को एक दूसरे हमलावर को दमिश्क के सैय्यदा जैनाब उपनगर में एक शिया धर्मस्थल को निशाना बनाने के लिए जाते समय पकड़ लिया गया, जहां इस्लामी संप्रदाय के कई स्थल स्थित हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने तीसरे ऑपरेशन को भी विफल कर दिया, जिसमें मोटरसाइकिल सवार हमलावर राजधानी में भीड़भाड़ वाली सभा को निशाना बनाने जा रहा था।
स्लीपर सेल का नेता अल-जुमैली आईएस नेता
अल-बाबा ने कहा कि हमने आईएस के ठिकानों पर छापा मारा, हथियार और विस्फोटकों का जखीरा जब्त किया। उन्होंने बताया कि दूसरे हमलावर से पूछताछ के बाद सुरक्षा बल स्लीपर सेल के नेता तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि चर्च पर हमला करने वाला व्यक्ति सीरियाई नहीं था। उन्होंने बताया कि स्लीपर सेल का नेता मोहम्मद अब्देलिल्लाह अल-जुमैली एक आईएस नेता है, जो उत्तर-पूर्वी सीरिया में फैले अल-होल कैंप से चरमपंथियों को हमले करने के लिए भर्ती करने के लिए जिम्मेदार है।
विस्फोट में मारे गए पीड़ितों का हुआ अंतिम संस्कार
इस बीच, दमिश्क के चर्च ऑफ द होली क्रॉस में चर्च बम विस्फोट के पीड़ितों का अंतिम संस्कार किया गया। चर्च की घंटियां बजाई गईं और महिलाओं ने जयकारे लगाए। जबकि पुरुष सफेद ताबूत लेकर रोती हुई भीड़ के बीच से गुजरे। जब पादरी ने पीड़ितों को शहीदों के रूप में सम्मानित किया, तो भीड़ ने जयकारे लगाए।