अमेरिका के ज्यादातर अस्पताल कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने के लिए मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट से सामने आई है। चिकित्सा प्रकाशन एमडेज ने शुक्रवार को बताया कि कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) वर्तमान में पहली पंक्ति की चिकित्सा है। जबकि दूसरे नंबर पर टोसिलिजुमाब आती है।
भारतीय अमेरिकी हृदय रोग विशेषज्ञ निहार देसाई ने चिकित्सा प्रकाशन को बताया कि एचसीक्यू को येल में पहली पंक्ति की दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि इन विट्रो डाटा दिखाते हैं कि यह वायरस के प्रभाव को कम करता है और यह इस समय मौजूद साक्ष्यों के रूप में सबसे सही है।
उन्होंने कहा, 'यह सस्ता है। दशकों से इसका इस्तेमाल हो रहा है और लोग इसके साथ अपेक्षाकृत सहज हैं। हम अपनी तरफ से बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हम कोरोना वायरस जैसी महामारी से फिर दोबारा न गुजरें।' उनका येल न्यू हैवन अस्पताल लगभग कोरोना के मरीजों से भरा हुआ है। यहां 400 से ज्यादा मरीज हैं।
शुक्रवार को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए एंटी-वायरल रेमेडिसविर के उपयोग की अनुमति आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईएयू) को दी। कोरोना वायरस रोगियों के उपचार के लिए औषधि प्रशासन से ईएयू प्राप्त करने वाली एचसीक्यू पहली दवा थी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एचसीक्यू दवा के इस्तेमाल की वकालत करते रहते हैं, जिसने न्यूयॉर्क और कई अन्य स्थानों पर मरीजों को ठीक किया है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि मलेरिया की दवा कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के शुरुआती चरणों में प्रभावी रही है लेकिन इससे दिल की बीमारी वालों के लिए खतरा हो सकता है। ट्रंप के अनुरोध पर भारत ने अमेरिका को 50 मिलियन एचसीक्यू टैबलेट को निर्यात किया था।
एफडीए ने कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए रेमेडिसविर टीकेे के उपयोग को दी अनुमति
अमेरिकी खाद्य और औषधि विभाग (एफडीए) ने कुछ शोधों के बाद कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए एक एंटी वायरल टीके रेमेडिसविर के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दे दी है। इसमें से एक शोध भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक ने किया है। इसमें पाया गया कि टीके ने कुछ संक्रमित मामलों को तेजी से ठीक करने में मदद की है।
एफडीए ने कोविड-19 रोगियों के उपचार में एंटी-वायरल रेमेडीसिविर के उपयोग के लिए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण को अनुमति दे दी है। एफडीए ने ऐसे समय पर रेमेडीसिविर के उपयोग को अनुमति दी है जब कुछ शोधों, जिसमें भारतीय अमेरिकी अरुणा सुब्रमण्यम का शोध भी शामिल है, में पाया गया है कि इससे मरीजों के ठीक होने की दर में तेजी आई है।