चीन के साथ सीमा पर तनाव के दौरान अमेरिका ने भारत के साथ सूचना और कुछ अन्य उपकरण साझा किए थे। पेंटागन के शीर्ष कमांडर ने अमेरिकी सीनेट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चीन ने क्षेत्र में अपनी आक्रामकता बढ़ाई है और अपने प्रभुत्व के विस्तार का प्रयास कर रहा है।
यूएस इंडो पेसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल फिलिप्स डेविड्सन ने कहा कि 'हाल के दिनों में चीन की ओर से सीमा पर गतिविधियों ने भारत की आंख खोलने का काम किया है। उसे यह समझ में आ गया है कि अपनी सुरक्षा जरूरतों के लिए दूसरों से सहयोग लेने का क्या महत्व है। यह क्वाड के साथ सहयोग को और गहरा करेगा।'
एडमिरल डेविड्सन ने कहा कि 'भारत का लंबे समय से सामरिक स्वायत्तता और गुट निरपेक्षता का रुख रहा है, लेकिन चीन के साथ संकट ने उसकी आंखें खोलने का काम किया है।' पेंटागन के अनुसार चीन ने पिछले साल पैंगौंग लेक और पूर्वी लद्दाख में 60,000 सशस्त्र सैनिकों को लगा रखा था।
काफी लंबी चली वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने एलएसी के कुछ इलाकों से क्रमश: सेना हटाए। एडमिरल ने कहा कि भारत अभी भी अपने गुट निरपेक्ष रुख पर कायम है, लेकिन क्वाड के साथ उसका सहयोग गहरा हुआ है और यह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के लिए महत्वपूर्ण सामरिक महत्व का अवसर है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिंद सुगा क्वाड के पहले सम्मेलन में शुक्रवार को भाग लेंगे। यह वर्चुअल फॉर्मेट पर आयोजित होगा।