अमेरिका ने पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए हथियारों के समझौते पर दोनों देशों को बड़ा झटका दिया है। अमेरिका ने तुर्की में बने 30 लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने इस रोक की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान अब इस लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को चीन से खरीद सकता है।
बता दें कि तुर्की में बने एटीएके-टी-129 हेलीकॉप्टर में अमेरिकी इंजन लगे हुए हैं। दो इंजन वाला और हर मौसम में हमला करने में सक्षम यह हेलीकॉप्टर अगुस्ता प्लेटफॉर्म पर आधारित है। अमेरिकी इंजन होने की वजह से तुर्की को यह हेलीकॉप्टर निर्यात करने से पहले अमेरिका की मंजूरी लेना होती है।
कालिन ने कहा कि इस रोक से अमेरिकी हितों को और ज्यादा नुकसान होगा। इससे पहले तुर्की और पाकिस्तान ने वर्ष 2018 में 1.5 अरब डॉलर में तुर्की में बने इन लड़ाकू हेलिकॉप्टरों का सौदा किया था। यह मल्टीरोल हेलीकॉप्टर दिन-रात में कभी भी न सिर्फ शत्रु पर हमला कर सकता है बल्कि उसकी निगरानी भी कर सकता है।
तुर्की ने जताई नाराजगी
तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम कालिन ने फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि तुर्की को इन्हीं कारणों से रूसी एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदना पड़ी थी क्योंकि अमेरिका ने अपना पेट्रियाट मिसाइल रक्षा सिस्टम उसे उचित शर्तों पर नहीं दिया था। अमेरिका ने अब तुर्की के एस-400 खरीदने पर उसके खिलाफ प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ऐसे प्रतिबंध सिर्फ दूसरे देशों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बनाए हैं।