अमेरिकी सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की। इसके तहत ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेनी अधिकारियों को अमेरिकी और उनके अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ साझा की गई अवर्गीकृत उपग्रह की तस्वीर तक पहुंच अस्थायी रूप से रोक दी है। बता दें कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है, और उपग्रह चित्रों का उपयोग रूस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में मदद करने के लिए किया जा रहा था।
चीन को भी झटका देने की तैयारी
साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर अमेरिका की ट्रंप सरकार चीनी एआई चैटबॉट डीपसीक पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को इस एप्लिकेशन के यूजर डाटा प्रबंधन को लेकर आशंका है, क्योंकि कंपनी डाटा का संग्रह चीन स्थित सर्वरों में करती है।
मामले में रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन एप स्टोर से डीपसीक को हटाने और अमेरिकी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को इसके एआई मॉडल्स की आपूर्ति सीमित करने पर भी विचार कर रहा है। हालांकि, अभी ये चर्चाएं प्रारंभिक चरण में हैं। डीपसीक के कम लागत वाले एआई मॉडल के चलते जनवरी में वैश्विक शेयर बाजारों में भारी बिकवाली आई थी। निवेशकों को डर था कि यह एआई बाजार में मौजूदा कंपनियों के लिए खतरा बन सकता है। इसके पहले अमेरिका टिकटॉक और हुआवेई जैसी चीनी टेक कंपनियों पर प्रतिबंध लगा चुका है।
एनजीए ने दी जानकारी
मामले में यूएस नेशनल जियोस्पेशियल-इंटेलिजेंस एजेंसी (एनजीए) ने बताया कि यह निर्णय यूक्रेन को समर्थन पर प्रशासन के निर्देश के तहत लिया गया था, हालांकि एजेंसी ने इस फैसले के पीछे के कारणों पर अधिक जानकारी नहीं दी। इसके अलावा, सैटेलाइट इमेजरी सेवा प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी सरकार ने यूक्रेन के लिए उपग्रह चित्रों की पहुंच अस्थायी रूप से निलंबित कर दी है।
जेलेंस्की और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक
देखा जाए तो यह जानकारी तब सामने आई जब पिछले सप्ताह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अमेरिकी अधिकारियों के बीच ओवल ऑफिस में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे। बैठक के बाद, एक यूक्रेनी वेबसाइट रिपोर्ट किया कि यूक्रेन की उपग्रह छवियों तक पहुंच अब अवरुद्ध कर दी गई है। वेबसाइट ने इसके लिए अमेरिकी सरकार के यूक्रेन के साथ खुफिया डेटा साझा करने पर प्रतिबंध को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, अमेरिकी सरकार ने इस मामले में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है, लेकिन यह कदम एक नई नीति के तहत उठाया गया प्रतीत होता है, जिसमें यूक्रेन को सैन्य और खुफिया सहायता के मामले में कुछ नए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यह घटना यूक्रेन और अमेरिका के रिश्तों में एक नई जटिलता को जन्म देती है, विशेषकर उस समय जब यूक्रेन रूस के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर निर्भर है।