अमेरिका को वित्तीय वर्ष 2023 के लिए एच-1बी वीजा के लिए 65,000 आवेदन मिल चुके हैं। यह संख्या अमेरिकी संसद (कांग्रेस) द्वारा स्वीकृत अधिकतम संख्या है। आव्रजन सेवाओं के लिए अमेरिका की संघीय एजेंसी ने बताया कि अन्य 20,000 एच-1बी वीजा उन विदेशी छात्रों को जारी किए जा सकते हैं, जिन्होंने अमेरिकी विवि से विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) विषयों में उच्च शिक्षा पूरी की है।
बता दें, एच-1बी वीजा के जरिये अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में विदेशी कामगारों की भर्ती करती हैं। खासकर प्रौद्योगिकी कंपनियां इस वीजा पर काफी निर्भर हैं जो हर साल भारत व चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों की भर्ती करती हैं। भारतीयों के बीच वर्क वीजा के बाद सर्वाधिक मांग वाले यह वीजा अपनी अधिकतम सीमा तक पहुंच चुका है। इस बीच, संघीय एजेंसी ने कहा कि वह उन याचिकाओं को स्वीकार और संसाधित करना जारी रखेगी जो इस सीमा से मुक्त हैं।
छात्र ऋण में बड़ी राहत का एलान कर सकते हैं बाइडन
राष्ट्रपति जो बाइडन अपनी योजनाओं में छात्र ऋण में राहत के लिए एक अहम फैसले की घोषणा करने वाले हैं। वह अमेरिकी छात्रों को ऋण में 10,000 डॉलर तक माफ करने और जनवरी तक भुगतान पर रोक लगाने वाले हैं, जो पूरे देश के लिए अप्रत्याशित क्षण होगा।
बाइडन का यह फैसला देशभर में लगभग 4.5 करोड़ ऋण धारकों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि योजना के विवरण को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन व्हाइट हाउस का कहना है कि बाइडन एक निश्चित आय से नीचे के उधारकर्ताओं को लोन में बड़ी राहत दे सकते हैं। यह राहत सिर्फ 1.25 लाख डॉलर से कम आय वालों को मिलेगी। यह योजना संभवत: लाखों अमेरिकियों के लिए छात्र ऋण को पूरी तरह से खत्म कर देगी। देश में फिलहाल छात्र ऋण 16 खरब डॉलर से ऊपर है।
अमेरिका में प्रमुख पदों पर 130 से भी अधिक भारतवंशियों का रिकॉर्ड
राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन में 130 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकियों को प्रमुख पदों पर नियुक्ति मिली है। अमेरिकी आबादी में यह एक फीसदी हिस्सा भारतवंशी समुदाय का सबसे बेहतर प्रतिनिधित्व है। इसे बाइडन द्वारा चुनाव पूर्व वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
बाइडन से पहले ट्रंप के कार्यकाल में 80 भारतवंशियों को बड़ी नियुक्तियां मिली थीं जबकि उनसे भी पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा के आठ साल के कार्यकाल में मात्र 60 भारतीय-अमेरिकियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया था। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में चार को मिलाकर विभिन्न राज्य और संघीय स्तरों पर 40 से अधिक भारतवंशियों को इस बार चुना गया है। सिलिकॉन वैली के उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट एमआर रंगास्वामी ने कहा, भारतवंशियों में सेवा की भावना भरी हुई है और यह निजी क्षेत्र के बजाय सार्वजनिक सेवा में पदों को आगे बढ़ाने के उनके उत्साह में परिलक्षित होता है।