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US: ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए विकल्प तलाश रहें ट्रंप, व्हाइट हाउस के बयान से खलबली; क्या फिर कुछ बड़ा होगा?

Wed, 07 Jan 2026 05:29 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

वेनेजुएला के बाद क्या अब ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की तैयारी कर रहे हैं? इस बात का संकेत व्हाइट हाउस ने अपने हालिया बयान में दिया। व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप प्रशासन अब ग्रीनलैंड को नियंत्रण में लेने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी शामिल है।

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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वेनेजुएला पर अमेरिका की तरफ से की गई कार्रवाई और फिर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर जहां एक ओर वैश्विक राजनीति में तहलका मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर अब अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने के लिए विचार कर रहा है। इतना ही नहीं ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को नियंत्रण में लेने के लिए कई विकल्पों पर विचार भी कर रहा है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में साफ-साफ इस बात पर जोर दिया गया है कि जरूरत पर पड़ने पर सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। 

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वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका के लिए चिंता का विषय है।

ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए अमेरिका की योजना 
लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति और उनकी टीम इस लक्ष्य को पाने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास सेना का इस्तेमाल करने का अधिकार हमेशा रहता है। लेविट इस बयान के बाद यूरोप के कई देशों में हलचल तेज हो गई है।

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ट्रंप के इस योजना से यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया
हालांकि दूसरी ओर ट्रंप के इस योजना पर योरप के कई देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीते छह जनवरी को कई यूरोपीय नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका की इस सोच का विरोध किया। यूरोपीय नेताओं ने कहा कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा सभी देशों को मिलकर सुनिश्चित करनी चाहिए और यह काम अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होना चाहिए।

उन्होंने साफ कहा कि किसी भी देश की सीमा और उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। बयान में यह भी ज़ोर देकर कहा गया कि ग्रीनलैंड उसके लोगों का है और उससे जुड़े फैसले लेने का अधिकार सिर्फ़ ग्रीनलैंड और डेनमार्क को ही है। किसी बाहरी देश को इसमें दखल देने का हक नहीं है।

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ट्रंप के बयान के बाद मंशा साफ
गौरतलब है कि इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के जहाजों की संख्या बढ़ रही है, जिससे अमेरिका की सुरक्षा को खतरा है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को अपनी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की ज़रूरत है और डेनमार्क अकेले इस क्षेत्र की सुरक्षा नहीं कर सकता।

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