अमेरिकी सरकार ने माना कि जनवरी में वॉशिंगटन के पास हुई विमान और हेलीकॉप्टर की टक्कर में एफएए और सेना की भी चूक थी थी। इस हादसे में 67 लोगों की मौत हुई। सरकार ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की गलती भी दुर्घटना का कारण थी, लेकिन विमान और हेलीकॉप्टर के पायलट तथा एयरलाइंस भी जिम्मेदार थे।
अमेरिकी सरकार ने बुधवार को माना कि जनवरी में देश की राजधानी के पास एक यात्री विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर के बीच हुई टक्कर में संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) और सेना की भी लापरवाही थी। इस हादसे में 67 लोगों की मौत हो गई थी।
एक पीड़ित परिवार की ओर से दायर मुकदमे पर सरकार की आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया कि इस दुर्घटना के लिए सरकार आंशिक रूप से जिम्मेदार है, क्योंकि उस रात एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) ने नियमों का पालन नहीं किया था। हालांकि, इस कानूनी दस्तावेज में यह भी संकेत दिया गया कि अन्य लोग भी हादसे के लिए जिम्मेदार थे, जिनमें विमान और हेलीकॉप्टर के पायलट शामिल हैं। मुकदमे में अमेरिकन एयरलाइंस और उसकी क्षेत्रीय साझेदार पीएसए एयरलाइंस को भी दोषी ठहराया गया है। लेकिन इन दोनों एयरलाइंस ने मुकदमा खारिज करने के लिए याचिका दायर की है।
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अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर कथित तौर पर उस समय अमेरिकन एयरलाइंस के छोटी उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान के मार्ग में आ गया, जब वह उत्तरी वर्जीनिया में स्थित रोनाल्ड रीगन राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर रहा था। यह हवाई अड्डा राजधानी के पास पोटोमैक नदी के दूसरी ओर स्थित है। हादसे के बाद पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी से 28 शव निकाले गए। विमान में 60 यात्री और चालक दल (क्रू) के चार सदस्य सवार थे, जबकि हेलीकॉप्टर में तीन सैनिक मौजूद थे।
पीड़ित केसी क्राफ्टन के परिवार के वकीलों में से एक रॉबर्ट क्लिफर्ड ने कहा, परिवार और उनके वकील नए कानूनी दस्तावेजों का ध्यान से अध्ययन करेंगे। क्लिफर्ड ने कहा कि सरकार ने अच्छी तरह से यह माना है कि वह इस हादसे के लिए अकेली जिम्मेदार नहीं है और यह दुर्घटना कई कारणों से हुई। क्लिफर्ड ने कहा कि उनकी टीम इस दुर्घटना की जांच पर नजर जारी रखेगी, ताकि सभी दोषी पक्षों को जिम्मेदार ठहराया जा सके। उन्होंने बताया कि वह 26 जनवरी को होने वाली रा्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) की सुनवाई से आने वाले अतिरिक्त परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।