जानकारों के मुताबिक लिंक्डइन उन गिनी-चुनी अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों में शामिल है, जिन्हें चीन में कारोबार करने की अनुमति है। अब वह उसने गतिविधियों की रिपोर्टिंग को सेंसर करने का फैसला किया है, जिन्हें चीन की सरकार विध्वंसकारी मानती है। लिंक्डइन पर दुनियाभर के अनगिनत शिक्षाशास्त्रियों, अनुसंधानकर्ताओं, सरकारी कर्मचारियों और दूसरे लोगों के प्रोफाइल मौजूद हैं। इस साइट का मकसद उन लोगों को आपस में संपर्क बनाने की सुविधा देना है।
विश्लेषकों के मुताबिक लिंक्डइन अब उन बड़ी कंपनियों में शामिल हो गई है, जो चीन सरकार की मांगों के मुताबिक कंटेन्ट सेंसर करने को राजी हुई है। लेखन स्वतंत्रता के लिए काम करने वाली संस्था पेन अमेरिका की सीईओ सुजैन नोसेल इस घटना पर जारी एक बयान में कहा है- ‘अगर लिंक्डइन के व्यवहार को सामान्य हो जाने दिया गया, तो उससे दुनिया भर की कंपनियों को संदेश जाएगा कि चीन की सेंसरशिप की मांगों को मान लेने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।’ लिंक्डइन ने पत्रकारों को इस बारे में ई-मेल पिछले 27 सितंबर को भेजा था।